अमित मिश्रा
सोनभद्र । भारतीय सेना के शौर्य और ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता को सलाम करते हुए भाजपा महिला मोर्चा ने भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह के नेतृत्व में यह यात्रा बरैला से आरंभ होकर बरकरा गांव तक निकाली गई। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ जैसे गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र देशभक्ति की भावना से सराबोर हो उठा।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य आमजन को भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान से अवगत कराना और उनमें देशभक्ति की भावना को जागृत करना था। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने वीर सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर न केवल भारत की सैन्य क्षमता का प्रतीक है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है कि नया भारत आतंकवाद को उसी की भाषा में जवाब देने में सक्षम है।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कुसुम शर्मा ने कहा, “यह तिरंगा यात्रा उस ऐतिहासिक पल की प्रतीक है जब भारत ने पहली बार किसी परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देश में घुसकर उसकी जमीन पर जवाबी कार्रवाई की। मात्र 90 मिनट में पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह कर 100 से अधिक आतंकियों का सफाया कर दिया गया।”

जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि भारतीय सेना की वीरता को अब दुनिया सलाम कर रही है। उन्होंने गर्व से कहा, “जिन बेटियों का सिंदूर आतंकियों ने छीना था, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए हमारी सेना ने उसका बदला ले लिया है। भारत की सरहद अब और भी सुरक्षित हाथों में है।”

इस अवसर पर जिला महामंत्री गुड़िया त्रिपाठी ने कहा, “यह यात्रा हर उस मां-बहन को समर्पित है, जिनके परिवारजनों ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि हमारी सेना न केवल ताकतवर है, बल्कि अत्यंत संवेदनशील और सतर्क भी है। देश की बेटियां भी तिरंगा लेकर देश की आन-बान-शान के लिए हर संघर्ष में शामिल हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह यात्रा युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने और उन्हें भारतीय सेना के प्रति सम्मान जताने का सशक्त माध्यम बनी है।”
इस आयोजन में प्रिया सोनकर, रितु अग्रहरि, आरती चौबे, तारा देवी, वंदना वर्मा, श्रेया पांडेय, कंचन, कविता यादव और पूनम गुप्ता सहित कई महिला कार्यकर्ता भी शामिल रहीं।
यह तिरंगा यात्रा भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और समर्पण के प्रति जनता का आभार व्यक्त करने का सशक्त उदाहरण बनी।







