पुरुषोत्तम मास में कथा सुनने से हरि विष्णु होते हैं प्रसन्न
अयोध्या से पधारे मनीष शरण महाराज ने सुनाई श्री कृष्ण बाल लीला, निर्मल मन से भजन की महिमा बताई
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज बरैला महादेव मंदिर प्रांगण में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के पंचम दिवस रात्रि प्रवचन में आचार्य सौरभ भारद्वाज ने भक्तों को कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्री रघुनाथ जी गुरु के आश्रम में पढ़ने के लिए गए, उसी प्रकार श्री कृष्ण भगवान संदीपनी मुनि के आश्रम में पढ़ने के लिए गए। पुरुषोत्तम मास में सप्ताह भागवत कथा सुनने से भगवान श्री हरि विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं। नियमित पारायण पाठ करने से पितृ दोष, वास्तु दोष, ग्रह दोष समाप्त होकर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रीधाम अयोध्या से पधारे मनीष शरण महाराज ने नंद उत्सव, गर्ग ऋषि द्वारा नामकरण संस्कार, श्री कृष्ण बाल लीला और पूतना वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने तुलसीदास की चौपाई ‘निर्मल मन जन सो मोहि पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान को पाने का सबसे अच्छा तरीका निर्मल मन है। निर्मल और पवित्र मन से किया गया भजन भगवान श्री कृष्ण और राम जी स्वीकार कर लेते हैं। इसलिए भक्तों को नियमित भजन करना चाहिए। यज्ञ के मुख्य यजमान व कमेटी के संरक्षक अरविंद शरण सिंह ने कहा कि यह यज्ञ विश्व कल्याण, मनुष्य-पशु-पक्षी और जनकल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसमें हजारों भक्त कथा श्रवण कर लाभ ले रहे हैं। सहयोगी यजमान के रूप में अनिल त्रिपाठी, चुर्क मंडल अध्यक्ष दिलीप चौबे, देवेश मिश्रा, प्रो. डॉ. संजय चतुर्वेदी, अरुणा मिश्रा, शीला देवी, देवनाथ पुजारी, आलोक शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।




