श्रावण मास की तैयारियो का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने की समीक्षा

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अमित मिश्रा

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, सम्बन्धित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। आगामी श्रावण मास के दौरान जनपद के प्रमुख शिवालयों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की अध्यक्षता में पुलिस लाइन कांफ्रेन्स हॉल में प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य श्रावण मास के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात एवं जनसुविधाओं को लेकर समन्वित कार्ययोजना तैयार करना रहा।

बैठक के दौरान शिवालयों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर एवं संपर्क मार्गों पर पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा: पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने सभी क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान प्रत्येक प्रमुख मंदिर एवं मेला क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए। संवेदनशील स्थलों पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अफवाह अथवा असामाजिक गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यातायात व्यवस्था की समीक्षा: बैठक में यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि श्रावण मास के दौरान प्रमुख मंदिरों एवं मेला क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन हेतु प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाए। संभावित भीड़ एवं वाहनों के दबाव को देखते हुए पूर्व से ही विस्तृत डायवर्जन प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन एवं श्रद्धालुओं को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त यातायात पुलिस बल की तैनाती, पार्किंग स्थलों का समुचित निर्धारण, पैदल एवं वाहनों के आवागमन के लिए अलग-अलग व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्बाध ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में यातायात व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए किसी भी प्रकार के जाम अथवा अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने देने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा: जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रमुख मंदिरों एवं मेला स्थलों पर चिकित्सा दल, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केन्द्र एवं आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही नगर निकाय, विद्युत, जल संस्थान, लोक निर्माण एवं अन्य संबंधित विभागों को भी अपनी-अपनी तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं शांतिपूर्ण दर्शन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी समन्वित रूप से कार्य करते हुए अपने-अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें, जिससे श्रावण मास के समस्त धार्मिक आयोजन जनपद में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराए जा सकें।

इनकी उपस्थिति रही: बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), मुख्य विकाश अधिकारी, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी घोरावल, क्षेत्राधिकारी ओबरा, क्षेत्राधिकारी यातायात, अधिशासी अभियन्ता विद्युत, प्रभारी यातायात, प्रतिसार निरीक्षक, प्रभारी अभिसूचना इकाई, प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज, प्रभारी निरीक्षक पन्नूगंज, प्रभारी निरीक्षक रामपुर बरकोनिया, प्रभारी निरीक्षक घोरावल, प्रभारी निरीक्षक करमा, थानाध्यक्ष शाहगंज, समस्त प्रभारी अधिकारी (श्रावण मास ड्यूटी) तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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