अमित मिश्रा
चोपन (सोनभद्र) । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर स्थित सोन नदी में हुए दर्दनाक हादसे का रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार 48 घंटे बाद समाप्त हो गया। एसडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार को तीसरे युवक का शव भी नदी से बरामद कर लिया। इसके साथ ही बुधवार से चल रहा संयुक्त खोज अभियान समाप्त हो गया। शव बरामद होते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को शादी की चौथी छुड़ाने की रस्म के दौरान महिलाएं सोन नदी में स्नान करने पहुंची थीं। इसी दौरान तीन युवक नदी के गहरे पानी में डूब गए। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
गुरुवार को लगभग 24 घंटे की लगातार तलाश के बाद दो युवकों के शव बरामद कर लिए गए थे, जबकि तीसरे युवक की खोज जारी रही। शुक्रवार को घटना के करीब 48 घंटे बाद एसडीआरएफ ने घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर गोठानी मंदिर के समीप नदी से तीसरे युवक का शव भी खोज निकाला।
तीसरे मृतक की पहचान बोल बम पुत्र लोधी, निवासी मीतापुर, के रूप में हुई है। शव बाहर निकलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
इस बीच संदीप की मौत को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। प्रशासन का कहना है कि उसकी मृत्यु नदी में डूबने से हुई, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के भय से उसने नदी में छलांग लगाई थी। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में नदियों और गहरे जलाशयों में सुरक्षा व्यवस्था तथा सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।







