श्री राधा अष्टमी और जेष्ठा गौरी व्रत: जानें महत्व और पूजन विधि

आचार्य पण्डित सुशील तिवारी सोनभद्र। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्री राधा अष्टमी और जेष्ठा गौरी व्रत किया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित दिलीप देव द्विवेदी जी महाराज के अनुसार, भगवती राधा जी का प्राकट्य मध्यान्ह व्यापिनी भाद्र शुक्ल अष्टमी में हुआ था, इसलिए मध्यान्ह में व्यापिनी भाद्रपद शुक्ल अष्टमी में राधा अष्टमी … Read more