सपा नेता राम आसरे विश्वकर्मा ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- पीडीए विरोधी है भाजपा सरकार

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प्रेस वार्ता में महंगाई, बेरोजगारी और आरक्षण घोटाले के लगाए आरोप

सोनभद्र। गुरुवार को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और किसानों की दुर्दशा लगातार बढ़ी है।
राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि “प्रधानमंत्री का देश के नौजवानों को प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरी देने का वादा धोखा सिद्ध हुआ। लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीना दुश्वार कर दिया है। मध्यम और कुटीर उद्योग बंद होने से गरीब और मजदूर भुखमरी का शिकार हो रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने का भाजपा का वादा भी छलावा साबित हुआ।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा उत्पीड़न पीडीए वर्ग यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों पर हो रहा है।
“प्रदेश में भाजपा संरक्षित अपराधियों और पुलिस की साठगांठ से पीडीए वर्ग की हत्या और बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं लगातार हो रही हैं। प्रदेश में हुए फर्जी एनकाउंटर में 60% पीडीए समाज के लोग थे। योगी सरकार द्वारा की गई 24 बुलडोजर कार्रवाई में से 22 केवल पिछड़े, दलित और मुस्लिमों पर हुईं। पुलिस हिरासत में हुई मौतों में भी 60% पीडीए समाज के हैं।”
उन्होंने कहा कि भाजपा राज में केवल विश्वकर्मा समाज के 40 नौजवानों की हत्या और बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं। अपराधियों को भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त है इसलिए कार्रवाई नहीं हो पा रही।
राम आसरे ने कहा कि भाजपा सरकार ने समाजवादी पार्टी की सरकार में विश्वकर्मा समाज के हित में शुरू की गई विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी, आईटीआई प्रमाण पत्र, कुटीर उद्योग हेतु पट्टा जैसी योजनाओं को निरस्त कर दिया।
“प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना केवल विश्वकर्मा वर्ग को मजदूर बनाना चाहती है। यह किसी पढ़े-लिखे नौजवान को डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर नहीं बनाती।”पूर्व मंत्री ने कहा की भाजपा पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि “पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 22 परीक्षाएं हुईं, जिसमें पीडीए के आरक्षित 11514 पदों को सामान्य वर्ग से भर दिया गया। यह पीडीए वर्ग के साथ बड़ा धोखा है।”
साथ ही पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने को “नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़” बताया। NEET परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे प्रभावित होकर कई नौजवानों को आत्महत्या करनी पड़ी।
राम आसरे ने कहा कि “भाजपा जन विरोधी सरकार है। इसे 2027 में हटाना है ताकि समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया जा सके और प्रदेश के नौजवानों, किसानों, गरीबों और पीडीए वर्ग का भला हो सके।”
सपा जिला अध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि जब तक केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार रहेगी तब तक पीडीए समाज का विकास संभव नहीं है। सपा सरकार बनने पर हर गरीब वर्ग का विकास होगा और प्रदेश में शांति का माहौल बनेगा।
प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, परमेश्वर दयाल, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय यादव, चौधरी यशवंत सिंह, मोहम्मद सईद कुरैशी, राजेश विश्वकर्मा, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, महेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, मीना विश्वकर्मा, प्रमोद यादव सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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