सोनभद्र। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के निर्णय के क्रम में मंगलवार को पेंशनरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में 12 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले धरने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा गया।
पेंशनरों ने मांग की कि वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तिथि के आधार पर किए गए विभेद को समाप्त कर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए। वेतन आयोग की प्रक्रिया पूरी होने तक कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को पर्याप्त अंतरिम राहत दी जाए।
अन्य मांगों में कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बनाने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, पेंशन के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में समाप्त करने, 65 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर 5 प्रतिशत पेंशन बढ़ाने और पेंशन को आयकर से मुक्त रखने की मांग शामिल रही।
साथ ही कोरोना काल के 18 माह के महंगाई भत्ते व राहत के बकाए का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 प्रतिशत छूट, आयुष्मान भारत में नकद रहित उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करने, महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन व पेंशन में जोड़ने और वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई।
धरने में राम राजाराम, अवधेश सिंह, उदय लाल मौर्य, विक्रमा प्रसाद सिंह, शिवकुमार कुशवाहा, मोती सिंह, सुशील कुमार सिंह सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे।








