एक्टू के बैनर तले मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, 8 सूत्रीय मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग
सोनभद्र। गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व एक्टू प्रदेश कमेटी सदस्य एवं जिला अध्यक्ष कामरेड कलीम अंसारी ने किया। इस दौरान एक्टू जिला उपाध्यक्ष शेख नजमा खातून, उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन जिला अध्यक्ष तारा देवी, जिला सूचना मंत्री रिजवाना खातून, बुधनी देवी, अनीशा देवी, लीलावती देवी, निरुपमा देवी, चंदा देवी, संजावती देवी, सुमन देवी, सुषमा देवी, मीरा देवी, सुमित्रा देवी, संगीता, सोनू सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
क्या हैं प्रमुख मांगे
ज्ञापन में 6 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री से हुई सहमति को लागू न करने का आरोप लगाते हुए 8 सूत्रीय मांगे रखी गईं:मानदेय बढ़े आधार भुगतान को 10,000 रु. + प्रोत्साहन राशि निश्चित किया जाए और आशा संगिनी का मानदेय भी बढ़ाया जाए।,बकाया भुगतान आयुष्मान कार्ड सृजन और आशा आई डी के प्रोत्साहन राशि का सम्पूर्ण भुगतान किया जाए।,नए कार्य की दरें पोलियो, फाइलेरिया, दस्तक, संचारी अभियान की प्रोत्साहन राशि पुनरीक्षित कर दैनिक 500 रु. निर्धारित की जाए।,सीएचसी/पीएचसी का भुगतान टीबी, कुष्ठ रोग, टीवी स्क्रीनिंग, पोलियो सहित विगत वर्षों के सभी बकाया भुगतान तुरंत किए जाएं।,बीमा कवर कैशलेस चिकित्सा राशि के अतिरिक्त 5 लाख का चिकित्सा बीमा और दुर्घटना बीमा राशि 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख की जाए।, मातृत्व अवकाश 4 माह का मातृत्व अवकाश अनुमन्य किया जाए और जीएससीसी की कमेटियों का गठन किया जाए।,मुकदमे वापस 15 दिसंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।,श्रम कानून लागू 45/46 वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
नेताओं ने क्या कहा
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से विभिन्न अभियानों में योगदान के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा। आयुष्मान कार्ड, कोविड, टीबी, कुष्ठ रोग जैसे अभियानों का भुगतान भी लंबित है। सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं किए गए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगे शीघ्र पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






