गोपालदास नीरज की जयन्ती पर काव्यांजलि का आयोजन

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में गोपाल दास नीरज की जयन्ती का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कथाकार रामनाथ शिवेंद्र रहे। इस कार्यक्रम की शुरुआत सृजा द्वारा मां शारदे की वंदना, कंठ में कोकिल स्वर देना , मां विनती सुन लेना से आगाज हुआ।

अजय चतुर्वेदी काका ने बापे के कूटत हवा तू हूं कालि कुटाबा, अब्दुल हई ने दामन में मेरे पैबंद हजारों हैं , लेकिन खुदा का शुक्र धब्बा नहीं कोई, अनुपमा वाणी ने साध कर तुम स्वयं को हर घात पर प्रतिघात करना।

अशोक तिवारी ने खौफ है नहीं कोई धूप में नहाने से दिलीप सिंह दीपक ने मरा मैं नहीं मुझको मारा गया है, प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी ने पड़ी जरूरत जब भी कफन बांध हम आयेंगे, काश लहू का इक इक कतरा भारत मां के काम आये सुनाया।


वही दिवाकर मेघ ने बीए पढै लागल बा बेटौवा, राकेश शरण मिश्र ने दर्द पीता और जीता पालता और पोसता हूं । डा, रचना तिवारी ने कही पे आईना बेबस कहीं तस्वीर है बेबस, कमलनयन तिवारी ने भी शायरी से शमां बांध दिए।

संचालन कर रहे जगदीश पंथी ने प्यार तुम्हारा मिला कि सावन बरस गया है तो वही रामनाथ शिवेंद्र ने हमें रोटियां ही दीजिए बहुत भूख लगी है ,दे रहे हो गीता कुरान किस लिए सुनाकर सद्भावना की बात किये।


वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर ने अपनी कई गंभीर रचना सुनाकर आयोजन को सोपान तक पहुंचा दिया। 

इसके बाद उपस्थित कवियों को अंग वस्त्र देकर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ मिश्र, अखिलेश मिश्र एडवोकेट, कल्लू पाठक, आशुतोष पाण्डेय मुन्ना समेत सैकड़ों लोगों ने विभिन्न रसों में सबको सराबोर कर दिया।

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