पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा गोठानी शिव मन्दिर, जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

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अमित मिश्रा

गोठानी शिव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु तैयार होगी व्यापक कार्ययोजना

मंदिर मार्ग के सड़क निर्माण में देरी पर जिलाधिकारी नाराज, तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश

भूमि मुआवजा वितरण के लिए सोमवार से तहसील में कैंप लगाने के निर्देश

प्रस्तावित बंधी निर्माण स्थल का निरीक्षण, किसानों के हितों को प्राथमिकता देने के निर्देश

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में त्रिवेणी संगम के नाम से प्रसिद्ध गोठानी स्थित प्राचीन शिव मंदिर का जिलाधिकारी चर्चित गौंड ने पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा जनपदवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने गोठानी शिव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने हेतु प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोठानी शिव मंदिर को एक आकर्षक धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए ऐसी समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिले।

इस दौरान जिलाधिकारी ने गोठानी शिव मंदिर तक पहुंचने हेतु स्वीकृत नवनिर्मित सड़क का कार्य अब तक प्रारंभ न होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड को निर्देशित किया कि सड़क निर्माण का कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए। साथ ही उप जिलाधिकारी ओबरा श्री विवेक कुमार सिंह को निर्देश दिए कि जिन किसानों की भूमि सड़क निर्माण में अधिग्रहित हुई है, उन्हें मुआवजा वितरण हेतु सोमवार से तहसील में विशेष कैंप आयोजित कर धनराशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण विभाग द्वारा प्रस्तावित नई बंधी के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने भूमि संरक्षण अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंधी का निर्माण वैज्ञानिक एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई एवं जल संरक्षण का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि बंधी निर्माण की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने से पूर्व उसकी थर्ड पार्टी से तकनीकी जांच कराई जाएगी। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि निजी व्यक्तियों की भूमि पर जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से किसी भी प्रकार की स्वीकृति प्रदान नहीं की जाएगी।

इस निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी रॉबर्ट्सगंज, भूमि संरक्षण अधिकारी चोपन, जिला कृषि रक्षा अधिकारी संतपाल वर्मा सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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