22 वर्षों से मुआवजा का इंतजार कर रहे किसानों ने किया सांकेतिक चक्का जाम

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सीएस पाण्डेय

भारी संख्या में पुलिस फोर्स रही मौजूद, बसंतपुर और त्रिकुंडा थाना प्रभारी भी डटे रहे

बभनी(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। छत्तीसगढ़ के सीमा पर वर्ष 2004 में 19 किसानों का 20 एकड भूमि अधिग्रहण कर पुलिस, आरटीओ , सेल टैक्स व वन विभाग बैरियर स्थापित किया गया लेकिन अधिकृत किसानों को फूटी कौड़ी मुआवजा नहीं मिला।

बुधवार को पूर्व सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़ के धनवार गांव के ग्रामीणों ने 19 किसानों के साथ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन व सांकेतिक चक्का जाम करने के लिए एकत्रित हो गए । ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और विभाग के लोगों की लापरवाही के कारण किसानों को 22 वर्षों के बाद भी मुआवजा नहीं मिला।

इसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी वाड्रफनगर नीरनिधि नंदेहा के पास 20 एकड अधिकृत भूमि के एवज में 40 एकड़ भूमि दी जाए या 40 लाख प्रति एकड़ के दर से मुआवजा दिया जाए।इस पर उपजिलाधिकारी नंदेहा ने लोगों को आश्वस्त किया कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए बहुत जल्द उनके समस्या का समाधान किया जाएगा।ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी के आश्वासन पर धरना स्थगित कर दिया लेकिन चेतावनी दी की अगर एक महिने में मुआवजा नहीं दिया गया तो निर्माण हुए सभी भवनों में ताला लगाया जाएगा।इस बात पर ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंप कर धरना समाप्त किया।

इस दौरान अधिन , हरदयाल, हरदेव, रामदेव,रामजीत ,आलम चन्द, दयाराम,मिथलेश दुबे, शिव शंकर सहित महिला पुरुष बच्चे भी धरना में सामिल रहे। इसके अतिरिक्त बसंतपुर थाना प्रभारी जीतेन्द्र सोनी,त्रिकुंडा थाना प्रभारी व्यास नारायण पुलिस बल के साथ डटे रहे।

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