विष्णु अग्रहरी
O- बरगद के वृक्ष तले गुंजी सत्यवान-सावित्री की कथा, नवविवाहिताओं में दिखा खास उत्साह
दुद्धी (सोनभद्र) । सोमवार को नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक आस्था और श्रद्धा के साथ बट सावित्री व्रत का अनुष्ठान किया। प्रातः काल से ही सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस एवं जीआईसी खेल मैदान के पास स्थित प्राचीन बरगद वृक्ष के नीचे एकत्र हुईं और पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए विधिवत पूजा-अर्चना की।
सनातन धर्म में आस्था रखने वाली महिलाओं के लिए यह पर्व विशेष महत्व रखता है। पौराणिक मान्यता है कि सावित्री ने अपने तप, श्रद्धा और पतिव्रता धर्म से यमराज को प्रसन्न कर अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस पा लिए थे। उसी कथा के आधार पर महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं और पति की आयु व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।
पूजन स्थल पर महिलाओं ने बरगद के वृक्ष की परिक्रमा करते हुए कच्चे धागे से सूत लपेटा और सामूहिक रूप से कथा श्रवण किया। इस दौरान पुरोहित द्वारा सत्यवान-सावित्री की कथा सुनाई गई। खास बात यह रही कि इस बार नई नवेली दुल्हनों की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली, जिससे आयोजन में नवता और उत्साह का संचार हुआ।
महिलाओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई थी। पूजा स्थल पर सफाई, पानी टैंकर, टेंट व कुर्सियों की व्यवस्था चेयरमैन कमलेश मोहन, समाजसेवी पंकज कुमार बुल्लू एवं संदीप गुप्ता के सहयोग से की गई थी। समर्पण और श्रद्धा से भरे इस आयोजन ने पूरे नगर में आध्यात्मिक वातावरण बना दिया।






