चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान लेखपाल और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया। यह कहासुनी जल्द ही झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, जिससे तहसील परिसर में तनाव फैल गया।
घटना के बाद लेखपालों और अधिवक्ताओं के समूह आमने-सामने आ गए। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि लेखपाल आकाशदीप चौहान ने उनके साथ मारपीट की। इसके बावजूद, अधिवक्ताओं के खिलाफ ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। अधिवक्ताओं ने भी तहरीर दी है, लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें रोष है।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक संबंधित लेखपाल के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई और मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वे सभी न्यायिक कार्यों से दूर रहेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल ने पैसे की मांग की थी और उनके पास इसके कुछ साक्ष्य मौजूद हैं।
वहीं, लेखपाल आकाशदीप चौहान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार की धन की मांग नहीं की। लेखपाल का आरोप है कि अधिवक्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों ने उपजिलाधिकारी विकास मित्तल को उसी दिन तहरीर सौंपी है। प्रशासन पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।






