संत स्वामी ध्यानानंद गिरी बोले- सुरक्षित और हरित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी धरोहर
सोनभद्र। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट द्वारा सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में पर्यावरण एवं विकास संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता ओमप्रकाश तिवारी ने की व संचालन सत्य प्रताप सिंह ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए पूज्य संत स्वामी ध्यानानंद गिरी महाराज ने कहा, “विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिवस मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति निरंतर जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। सुरक्षित और हरित पर्यावरण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे बड़ी धरोहर है।”
ट्रस्ट के संयोजक रवि प्रकाश चौबे ने कहा कि औद्योगिकीकरण से उत्सर्जित धुआं, रासायनिक अपशिष्ट और दूषित जल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। वैज्ञानिकों के शोध का हवाला देते हुए उन्होंने चेताया कि अगर हम नहीं चेते तो इसका भयावह रूप देखने को मिलेगा।
क्षेत्रीय वनाधिकारी अनामिका गौतम ने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने व उनकी देखभाल की अपील की। वरिष्ठ पत्रकार दीपक केशरवानी ने कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं और जलवायु परिवर्तन कम करने में महत्वपूर्ण हैं।
नागरिकों से एकल-उपयोग प्लास्टिक कम करने, जल-ऊर्जा संरक्षण व स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की गई।
इस मौके पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, रालोद जिलाध्यक्ष श्रीकांत तिवारी, धर्मेंद्र पाण्डेय राजू, विनोद चौबे, राजेश केशरी, अभय शर्मा, रुबी गुप्ता, राकेश राय, मदन चौबे, अनुराग पाण्डेय समेत अन्य मौजूद रहे।






