प्रदूषण से स्वास्थ्य संकट गहराया, सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

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ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल बोले- राखड़ और वायु प्रदूषण नहीं रुका तो होगा बड़ा आंदोलन

सोनभद्र। दक्षिणांचल क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और उससे उपजी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी ने शुक्रवार को रामेश्वर प्रसाद, रमेश यादव व ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि म्योरपुर, चोपन, बभनी, कोन और दुद्धी ब्लॉकों के 300 से अधिक गांव तीन दशकों से वायु और जल प्रदूषण की चपेट में हैं। अस्थमा, गर्भपात, मधुमेह, किडनी और कैंसर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। पानी में पारा, कैडमियम, क्रोमियम और फ्लोराइड जैसे खतरनाक तत्व पाए गए हैं।
ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल ने चेतावनी दी, “रेणुका नदी में आज भी हजारों लीटर राखड़ बहाया जा रहा है। अगर नदियों में राखड़ और वायु प्रदूषण नहीं रुका तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”
संगठन ने एनजीटी के 2018 के आदेश के अनुसार टॉक्सिकोलॉजिकल लैब स्थापित करने, डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण, वायु-जल गुणवत्ता की नियमित जांच और प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। अपर जिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मौके पर पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा, मनोज कुमार, उमेश चौबे, अशोक सिंह, मीना देवी, रामनारायण, शिव शरण सिंह, प्रशांत दुबे समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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