रोजगार अधिकार अभियान ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

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“मोदी सरकार ने सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो दिया”

म्योरपुर / सोनभद्र रोजगार अधिकार अभियान ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन म्योरपुर खंड विकास अधिकारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में धांधली और संसद मार्च पर हुए पुलिस दमन के बाद केंद्र सरकार के इस्तीफे की मांग की गई।

“धर्मेंद्र प्रधान, मोदी और अमित शाह दें इस्तीफा”
ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था में धांधली की जवाबदेही तय कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की न्यूनतम मांग पर आयोजित संसद मार्च पर जिस तरह मोदी सरकार की पुलिस ने बर्बर दमन किया और सादी वर्दी में बच्चों को मारा गया, उसके बाद मोदी सरकार ने सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
अभियान ने मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ इस दमन के जिम्मेदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

ज्ञापन में 6 प्रमुख मांगें

  1. संसद मार्च पर हुए पुलिस दमन की स्वतंत्र एवं न्यायिक जांच कराई जाए।
  2. बिना वर्दी और बिना नेम प्लेट के कार्रवाई करने वाले सभी व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक की जाए और बताया जाए कि किस सक्षम अधिकारी व मजिस्ट्रेट के आदेश पर लाठीचार्ज किया गया।
  3. शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं और नागरिकों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
  4. पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए सभी लोगों को उचित उपचार और मुआवजा दिया जाए।
  5. शिक्षा व्यवस्था में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी संस्थागत सुधार किए जाएं।
  6. संविधान द्वारा प्रदत्त शांतिपूर्ण विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की पूर्ण रक्षा सुनिश्चित की जाए।

मौजूद रहे:
ज्ञापन देने वालों में रोजगार अधिकार अभियान की संयोजक सविता गोंड, युवा मंच संयोजक रूबी सिंह गोंड, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के संयोजक कृपाशंकर पनिका, सुगवंती गोंड, ललित कुमार श्याम, मंजू यादव, देवबली गोंड, बुद्धि नारायण गोंड सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

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