डायन बताकर मां को मारते हैं, 13 किलोमीटर पैदल चलकर थाने पहुंची बेटी की इंसाफ की पुकार

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

जितेंद्र कुमार

O- 13 किलोमीटर पैदल चलकर थाने पहुंची नाबालिग, बोली- “साहब! मेरी मां को डायन बताकर मारते हैं…”

O- अंधविश्वास के खिलाफ बच्ची ने दिखाई हिम्मत, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

दुद्धी (सोनभद्र) । समाज में फैले अंधविश्वास की वजह से एक मासूम बेटी को अपनी मां की जान बचाने के लिए 13 किलोमीटर पैदल चलकर थाने तक जाना पड़ा। यह मार्मिक घटना जिले के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र की है, जहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने अपनी मां पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए पुलिस से गुहार लगाई।

थाने पहुंचते ही बच्ची फूट-फूटकर रो पड़ी
दुद्धी कोतवाली में जब बच्ची पहुंची, तो उसका दर्द छलक पड़ा। उसने रोते हुए पुलिस से कहा, “साहब! मेरी चाची मां को डायन कहती है, गालियां देती है, मारती है। जब मैंने विरोध किया तो मुझे भी पीटा गया।” बच्ची की मासूम अपील सुन पुलिसकर्मी भी भावुक हो उठे। बच्ची ने पूरी आपबीती लिखित में पुलिस को दी।

चाची और पट्टीदार कर रहे हैं प्रताड़ित
जानकारी के मुताबिक, बच्ची की चाची और गांव के कुछ पट्टीदारों ने अंधविश्वास के चलते उसकी मां को ‘डायन’ बता दिया। इसके बाद से महिला को लगातार गालियां दी जा रही हैं, पीटा जा रहा है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। जब बेटी ने अपनी मां के सम्मान के लिए आवाज उठाई तो उसे भी निशाना बनाया गया।

13 किलोमीटर पैदल तय किया सफर, मां को बचाने की ठानी
मां पर हो रहे अत्याचार से आहत बच्ची ने बिना किसी को बताए, 13 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर दुद्धी कोतवाली पहुंचने का साहसिक निर्णय लिया। थाने पहुंचने के बाद उसने पुलिस से पूरी घटना विस्तार से बताई।

पुलिस ने दिया भरोसा, जांच शुरू
थाना प्रभारी ने बच्ची को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिया कि उसकी मां के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्र में अंधविश्वास बना जानलेवा
सोनभद्र जिले के कई दूरदराज इलाकों में आज भी अंधविश्वास की जड़ें गहरी हैं। खासकर महिलाओं को ‘डायन’ बताकर प्रताड़ित करने के मामले सामने आते रहते हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्ती दिखाने का दावा जरूर किया है, लेकिन अब भी इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करना बाकी है।

Leave a Comment

1441
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?