जनजाति की जमीन बैनामा मामले में रजिस्ट्रार दुद्धी समेत चार पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश

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राजेश कुमार पाठक

जनपद में धड़ल्ले से खरीदी जा रही है आदिवासियों की जमीन

दुद्धी उपनिबंधक पुष्पराज श्रीवास्तव समेत 4 पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश


सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में गरीब आदिवासियों को बहला पुसला कर कई वर्षों से जमीन औने-पौने दाम पर बाहरी लोगों द्वारा खरीदा जा रहा,जिससे उनके सामने जीवनयापन का संकट गहराता जा रहा है। एक ऐसा ही मामला तब सामने आया जब  जनजाति का जमीन पिछड़ी को बैनामा के मामले में अयोध्या सिंह खरवार ने अधिवक्ता विकास शाक्य के जरिए प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर विशेष न्यायाधीश (Sc/st) आबिद शमीम की अदालत ने दुद्धी रजिस्ट्रार पुष्पराज श्रीवास्तव समेत चार अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

अयोध्या सिंह खरवार ने अधिवक्ता विकास शाक्य के जरिए विशेष न्यायाधीश (Sc/st) की अदालत में 173(4)BNSS का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि दो लाख की आवश्यकता होने पर ज्वाहरलाल से मांगा ज्वाहरलाल ने दुद्धी तहसील में चलकर जमीन बंधक की लिखा पढ़ी करने के बाद पैसा देने की बात कही 18 मार्च को ज्वाहरलाल अपनी पत्नी उर्मिला देवी और एक अन्य साथी जंग बहादुर सिंह को साथ लेकर दुद्धी तहसील आए स्टांप पर लिखा पढ़ी करके हस्ताक्षर कर लिए 2 लाख बैंक खाते में डाल देने की बात करते हुए दुद्धी उपनिबंधक कार्यालय में उपस्थित कराये।

उप निबंधक पुष्पराज श्रीवास्तव ने अयोध्या से जाति भी पूछा खरवार जाति की जानकारी रखते हुए अयोध्या की जमीन का बैनामा पंजीकृत कर दिया! अयोध्या खरवार को इस घटना की जानकारी तब हुई जब 27 मार्च को कब्जा लेने आबादी जमीन पर चढ़ आए, अयोध्या के खाते में पैसा भी नहीं आया और जमीन का बैनामा हो गया।  इसकी सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं होने पर अदालत की शरण ली।

विशेष न्यायाधीश (Sc/st) आबिद शमीम की अदालत ने अधिवक्ता विकास शाक्य के कानूनी पक्षों को सुनने के पश्चात पुरे मामले पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस क्षेत्राधिकार को विवेचना करने का आदेश दिया है।

इस मामले के अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि जनपद के विभिन्न तहसीलों में अनुसूचित जनजाति के जमीनों को स्वर्ण जाति के लोगों द्वारा धारा 80 राजस्व संहिता में भूमि का श्रेणी पर परिवर्तित कराकर जमीनों का बैनामा ले लिया जा रहा है, जबकि राजस्व संहिता की धारा 99 अनुसूची जनजाति की जमीन का बैनामा किसी अन्य जाति को निषेधित किया गया है अनुसूचित जनजातियों की जमीनों का गैर कानूनी बैनामा अधिकतर ओबरा तहसील में किया जा रहा है, जो गंभीर विषय है!

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