रवि पाण्डेय/ अमित मिश्रा
O- यूपी में चुनाव पर फैसला घोसी, दुद्धी और फरीदपुर में नहीं होंगे उपचुनाव, जानिए तीनों सीटें क्यों हुईं रिक्त
क्या बोले मुख्य चुनाव आयुक्त
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव करते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि घोसी, दुद्धी (एसटी) और फरीदपुर (एससी) विधानसभा सीटों पर अब उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि विधानसभा का कार्यकाल एक वर्ष से कम शेष होने के कारण संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के अनुसार इन सीटों पर अब सीधे अगले विधानसभा आम चुनाव में मतदान कराया जाएगा।
तीनों सीटों के रिक्त होने के पीछे अलग-अलग परिस्थितियां रहीं। मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद रिक्त हुई। सुधाकर सिंह ने वर्ष 2023 के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान को हराकर सीट पर जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई।
सोनभद्र की दुद्धी (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा सीट भी समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड के निधन के कारण रिक्त हुई। विजय सिंह गोंड ने वर्ष 2024 के उपचुनाव में जीत हासिल कर यह सीट समाजवादी पार्टी की झोली में डाली थी। उनके निधन के बाद यहां भी उपचुनाव की संभावना बनी थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
वहीं बरेली की फरीदपुर (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट भाजपा विधायक श्याम बिहारी लाल के निधन के कारण खाली हुई। वह लगातार दूसरी बार इस सीट से विधायक चुने गए थे। उनके निधन के बाद यह सीट भी रिक्त घोषित की गई थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अब एक वर्ष से कम बचा है। ऐसे में संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप इन रिक्त सीटों पर उपचुनाव नहीं कराया जाएगा और मतदाता सीधे अगले विधानसभा आम चुनाव में अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे।”
चुनाव आयोग के इस फैसले के साथ ही उत्तर प्रदेश में घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की संभावनाओं पर पूर्ण विराम लग गया है। अब सभी राजनीतिक दलों की रणनीति सीधे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव पर केंद्रित होगी। यह निर्णय प्रदेश की चुनावी राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव के समीकरणों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है।







