सी एस पाण्डेय
O- सावन सोमवार पर बभनी में दिखी आस्था की अद्भुत तस्वीर, हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
बभनी (सोनभद्र) । सावन महीने के पावन अवसर पर सोमवार को बभनी क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में बड़ी संख्या में महिलाओं ने नौलखा बंधे से पवित्र जल भरकर बभनी स्थित शिव मंदिर पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठा।
सुबह से ही महिलाओं की टोली पीतल के लोटे, कलश, फूल और पूजन सामग्री लेकर नौलखा बंधे की ओर पहुंचने लगी। जल भरने के बाद महिलाएं समूह में भक्ति गीत गाते हुए मंदिर की ओर रवाना हुईं। सिर पर कलश और हाथों में पूजन सामग्री लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार ने पूरे माहौल को शिवमय बना दिया।
नौलखा बंधे से मंदिर तक श्रद्धालुओं की यह यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। रास्ते भर हर-हर महादेव, बोल बम और भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में शिवभक्त भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
विधि-विधान से हुआ जलाभिषेक
मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। भगवान शिव को बेलपत्र, फूल, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर श्रद्धालुओं ने परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही बभनी पुलिस
धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए बभनी पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार सरोज मयफोर्स मौके पर मौजूद रहे और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग किया।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का संदेश
विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सावन सोमवार पर आयोजित यह जलाभिषेक कार्यक्रम बभनी क्षेत्र में आस्था और भक्ति की एक ऐसी तस्वीर छोड़ गया, जिसमें महिलाओं की सहभागिता, धार्मिक परंपरा और सामुदायिक एकजुटता एक साथ दिखाई दी।






