वीरेंद्र कुमार
O- जेबीएस के तत्वावधान में खेल मैदान पर देर शाम तक चला दंगल, पूर्वांचल समेत झारखंड और छत्तीसगढ़ के पहलवानों ने आजमाए दांव-पेंच
दुद्धी (सोनभद्र) । नागपंचमी के पर्व पर सोमवार को झमाझम बारिश के बीच दुद्धी के खेल मैदान में कुश्ती और परंपरागत दंगल का रोमांच देखने को मिला। जय बजरंग अखाड़ा समिति (जेबीएस) के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक दंगल में सोनभद्र समेत पूर्वांचल, झारखंड और छत्तीसगढ़ के पहलवानों ने जोरदार मुकाबले किए। बारिश के बावजूद पहलवानों का उत्साह कम नहीं हुआ और देर शाम तक अखाड़े में दांव-पेंच का सिलसिला चलता रहा।
दंगल का शुभारंभ अखाड़े के विधि-विधान से पूजन के साथ हुआ। इससे पहले जय बजरंग अखाड़ा समिति के अध्यक्ष पंकज जायसवाल और महामंत्री दीपक शाह की अगुवाई में महावीर मंदिर स्थित केंद्रीय अखाड़े से ढोल-नगाड़ों के साथ झंडा जुलूस निकाला गया। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ जुलूस खेल मैदान पहुंचा। वहां बड़ी संख्या में मौजूद लोगों की उपस्थिति में अखाड़े की औपचारिकता पूरी करने के बाद कुश्ती प्रतियोगिता शुरू हुई।
दंगल में दुद्धी, धनौरा, खजुरी, दिघुल, रजखड़, मझौली, अमवार, नगवां, कटौली और कटौधी समेत आसपास के क्षेत्रों के पहलवानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा रेनुकूट, ओबरा और चोपन के साथ झारखंड के गढ़वा जिले तथा बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर और आजमगढ़ से आए पहलवानों ने भी अपनी कला और कुश्ती के दांव-पेंच का शानदार प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ और झारखंड के पहलवानों की मौजूदगी ने प्रतियोगिता को और व्यापक बना दिया।
संतोष ने राजनाथ को दी पटखनी
दंगल के प्रमुख मुकाबलों में कादल के पहलवान संतोष ने गढ़वा के राजनाथ को पटखनी देकर 1,500 रुपये का पुरस्कार अपने नाम किया। वहीं रेनुकूट के शत्रुघन ने गढ़वा के विकास को हराकर 1,500 रुपये का पुरस्कार जीता।
इसी क्रम में रेनुकूट के हरिओम ने पतरिहा के अर्जुन को चित कर 2,100 रुपये का पुरस्कार हासिल किया। जबकि रासपहरी के विकास ने रजखड़ के लालू यादव को पराजित कर 1,500 रुपये का पुरस्कार जीता। कई अन्य मुकाबले बराबरी पर समाप्त हुए, जिनमें दर्जनों पहलवानों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
बारिश भी नहीं रोक सकी पहलवानों का उत्साह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक हरिराम चेरो ने नागपंचमी के पर्व और सावन की परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बारिश के बावजूद पहलवानों ने जिस उत्साह के साथ दंगल में हिस्सा लिया, वह सराहनीय है। उन्होंने इसे क्षेत्र की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति का जीवंत उदाहरण बताया।
प्रतियोगिता में धीरेंद्र सिंह, राकेश पहलवान और पवन सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई, जबकि रामपाल जौहरी ने संचालन किया।
कार्यक्रम में रामलीला कमेटी अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रहरी, पूर्व चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि, अजीत सिंह, पंकज कुमार बुल्लू, अनिल गुप्ता और कृपाशंकर अग्रहरि समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दंगल देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक खेल मैदान पहुंचे। बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह देखते ही बना। नागपंचमी पर आयोजित इस कुश्ती प्रतियोगिता ने दुद्धी की पारंपरिक अखाड़ा संस्कृति और ग्रामीण खेल विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।






