सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर टाउन एरिया के प्रथम चेयरमैन बद्रीनारायण केसरवानी द्वारा करीब 124 वर्ष पूर्व शुरू की गई ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा इस वर्ष भी जारी रहेगी। श्रीरामलीला समिति की ओर से रामलीला का शुभारंभ आठ अक्टूबर की रात आठ बजे मुकुट पूजन के साथ होगा। विजयादशमी के दिन रावण दहन के साथ ही रात आठ बजे मां शीतला धाम चौक पर ऐतिहासिक भरत मिलाप का भव्य आयोजन होगा।
रामलीला मैदान स्थित सभागार में बुधवार रात समिति की बैठक अध्यक्ष पवन जैन की अध्यक्षता में हुई, जिसका संचालन प्रमोद गुप्ता ने किया। बैठक में वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसमें बांके बिहारी मंदिर की सेवा, रामलीला मंचन, पुजारी के वेतन तथा मंदिर में वर्षभर आयोजित कार्यक्रमों पर हुए खर्च का ब्योरा शामिल रहा।
संरक्षक जितेंद्र सिंह ने रामलीला की 124 वर्ष पुरानी परंपरा और इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नगरवासियों के सहयोग से ही यह आयोजन निरंतर सफल होता आ रहा है। आधुनिक दौर में मंचन का स्वरूप और खर्च दोनों बढ़े हैं, इसलिए बेहतर प्रबंधन के लिए समाज के और सहयोग की जरूरत है। बैठक में मैदान की साफ-सफाई, रखरखाव और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
मंचन के तहत नारद मोह, रावण जन्म, श्रीराम जन्मोत्सव, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, जनकपुरी फुलवारी, धनुष यज्ञ, लक्ष्मण-परशुराम संवाद, श्रीराम-जानकी विवाह, वन गमन, केवट प्रसंग, दशरथ मरण, शूर्पणखा नासिकोच्छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण, शबरी प्रसंग, सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन, सेतु निर्माण, अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण व मेघनाद वध का मंचन होगा। विजयादशमी पर रावण दहन के बाद श्रीराम दल की शोभायात्रा, अयोध्या वापसी और श्रीराम राज्याभिषेक के साथ समापन होगा।
बैठक में हरीश अग्रवाल, डॉ. धर्मवीर तिवारी, हर्ष अग्रवाल, मिठाई लाल सोनी, कृष्ण मुरारी गुप्ता, राकेश गुप्ता, संगम गुप्ता, रविन्द्र केशरी, मनीष खंडेलवाल, सुशील पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।








