O- चर्चित अवैध आवासीय पट्टा मामले में जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, लसड़ा में चार अवैध निर्माण ध्वस्त
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । न्यूज़ एक्सप्रेस भारत द्वारा लगातार प्रमुखता से उठाए गए चर्चित अवैध आवासीय पट्टा प्रकरण में आखिरकार जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। जिलाधिकारी के निर्देश पर सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा लसड़ा में अवैध रूप से आवंटित किए गए आवासीय पट्टों को निरस्त करते हुए मंगलवार को बुलडोजर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने राजमार्ग किनारे सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार ग्राम सभा लसड़ा की अत्यंत मूल्यवान सरकारी भूमि, जो कलवारी-खलियारी राजमार्ग के किनारे स्थित है, उसे कथित रूप से कुछ ग्राम प्रधानों, संबंधित अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से नियमों को ताक पर रखकर अपात्र लोगों के नाम आवंटित कर दिया गया था। मामला सामने आने के बाद न्यूज़ एक्सप्रेस भारत ने इस पूरे खेल का खुलासा करते हुए लगातार खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच कराए जाने के बाद संबंधित पट्टों को निरस्त कर दिया गया तथा उप जिलाधिकारी अश्वनी कुमार ने अवैध निर्माण हटाने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की। मंगलवार को नायब तहसीलदार मनोज मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व टीम, पुलिस बल, महिला कांस्टेबल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और चार अवैध पट्टों पर किए गए निर्माणों को ध्वस्त कर अतिक्रमण मुक्त कराया।
नायब तहसीलदार मनोज मिश्रा ने बताया कि उप जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अवैध रूप से हुए पट्टों पर बने निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
क्या केवल लेखपाल ही दोषी? बड़े सवालों पर प्रशासन खामोश
हालांकि पूरे मामले में अब एक बड़ा सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। अवैध पट्टा आवंटन प्रकरण में अब तक केवल संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी अनियमितता किसी एक कर्मचारी के स्तर पर संभव नहीं है।
क्षेत्र में चर्चा गर्म है कि यदि सरकारी भूमि पर गलत तरीके से पट्टा आवंटित हुआ तो इसमें उस समय के ग्राम प्रधान, संबंधित राजस्व अधिकारी, अनुमोदन प्रक्रिया में शामिल कर्मचारी तथा कथित दलालों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों का सवाल है कि जब अवैध पट्टे निरस्त हो चुके हैं और अतिक्रमण हटाया जा चुका है, तब इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड और लाभार्थियों पर कार्रवाई कब होगी?
क्या था पूरा मामला?
- ग्राम सभा लसड़ा की सरकारी भूमि पर आवासीय पट्टे आवंटित किए गए थे।
- आरोप था कि पात्रता की अनदेखी कर अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया गया।
- राजमार्ग किनारे स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को नियम विरुद्ध तरीके से आवंटित करने की शिकायतें सामने आई थीं।
- न्यूज़ एक्सप्रेस भारत ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
- जांच के बाद प्रशासन ने पट्टे निरस्त किए।
- मंगलवार को बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण और कब्जे हटाए गए।
जनता पूछ रही है…?
अवैध पट्टे निरस्त हो गए, अवैध कब्जे भी हट गए, लेकिन इस पूरे खेल के जिम्मेदार अधिकारी, ग्राम प्रधान और कथित दलालों पर कार्रवाई कब होगी?







