नवीन कुमार
O- सोनभद्र में करंट से मौत पर बड़ा एक्शन, जेई और एसडीओ पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
कोन (सोनभद्र) । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। कोन थाना क्षेत्र के पिपरहवा गांव में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन के बीच प्रशासन को कार्रवाई का आश्वासन देना पड़ा, जिसके बाद अब बिजली विभाग के जेई और एसडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मृतक की पहचान संदीप पुत्र रमाशंकर के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर और खतरनाक हालत में विद्युत लाइनें मौजूद थीं, जिसकी शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन विभाग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। इसी कथित लापरवाही के चलते संदीप की जान चली गई।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कोन-तेलगुड़वा मार्ग को जाम कर दिया और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। हालात बिगड़ते देख प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपजिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ।
बुधवार को मृतक के पिता रमाशंकर ने कोन थाने में तहरीर देकर विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) और उपखंड अधिकारी (एसडीओ) को सीधे तौर पर हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया। मामले को लेकर पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी नेता अविनाश कुशवाहा भी थाने पहुंचे और अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
पुलिस के अनुसार प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर देशभर में बिजली विभागों की जवाबदेही और जर्जर विद्युत ढांचे पर सवाल खड़े कर रही है। हर वर्ष हाईटेंशन लाइनों और खुले तारों के कारण सैकड़ों लोगों की मौत होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं।






