सी एस पाण्डेय
O- दो महीने से राशन गायब, कोटेदार ने अंगूठा लगवाकर बिना राशन दिए लौटाए दिए ग्रामीणों को, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
O- राशन दो या जवाब दो, सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन, विभाग और कोटेदार की मिलीभगत का आरोप
बभनी (सोनभद्र)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की गंभीर खामियां सामने आई हैं। बभनी विकासखंड के बचरा गांव स्थित सेमरिया टोले के सैकड़ों ग्रामीणों ने दो माह से राशन न मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर प्रशासन और खाद्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि मई और जून माह का खाद्यान्न आज तक नहीं मिला, जबकि कई लाभार्थियों से ई-पॉस मशीन में अंगूठा भी लगवा लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बार उन्हें “बाद में राशन मिलेगा” कहकर वापस भेज दिया जाता है। दो महीने से लगातार कोटेदार और विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद गरीब परिवारों को उनका हक नहीं मिल सका। इससे क्षेत्र में भारी नाराजगी है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रही और विभागीय अधिकारियों ने मामले को दबाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितता हुई है और विभाग तथा कोटेदार की मिलीभगत से गरीबों का खाद्यान्न हड़पा गया है।
सेमरिया टोले में आयोजित बैठक और प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा लंबित राशन वितरण सुनिश्चित करने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई लाभार्थियों के रिकॉर्ड में राशन वितरित दिखाया जा सकता है, जबकि वास्तव में उन्हें एक दाना भी नहीं मिला। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलापूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।






