जयमोहनी रेंज में वन कर्मियों का प्रशिक्षणः 650 हेक्टेयर में वैज्ञानिक थिनिंग, पौधों के अनुरक्षण पर जोर

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र स्थित जयमोहनी रेंज में वन विभाग द्वारा एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर, वाराणसी के प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिवशंकर के निर्देश पर शनिवार को यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य पिछले वर्ष कैंपा एवं सामाजिक वानिकी योजना के तहत लगाए गए पौधों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी तरीके से अनुरक्षण सुनिश्चित करना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने सेक्शन ऑफिसरों, वनरक्षकों और दैनिक श्रमिकों को थिनिंग (छंटाई) तथा पौधों के अनुरक्षण की तकनीकी जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्वयं वृक्षारोपण स्थलों का निरीक्षण कर मौके पर कर्मियों को थिनिंग की व्यावहारिक विधि समझाई।

बताया कि वैज्ञानिक तरीके से अनुरक्षण करने से पौधों की वृद्धि बेहतर होगी और वे तेजी से विकसित होकर मजबूत वृक्ष बन सकेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सघन रूप से उगे क्षेत्रों में कमजोर, रोगग्रस्त और मृतप्राय पौधों को हटाया जाएगा, ताकि स्वस्थ पौधों को पर्याप्त प्रकाश, जल और पोषक तत्व मिल सकें। इससे पौधों की वृद्धि के साथ उनकी उत्तरजीविता दर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

यह अनुरक्षण कार्य लगभग 650 हेक्टेयर क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। वन क्षेत्राधिकारी ने कार्य के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। खराब मानसून की स्थिति को देखते हुए नवरोपित पौधों की सिंचाई टैंकरों के माध्यम से सुनिश्चित करने तथा सभी रोपण स्थलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी जारी किए गए।

वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और समय पर अनुरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि नियमित थिनिंग, सिंचाई और निगरानी से पौधों के जीवित रहने की संभावना बढ़ेगी और भविष्य में यह क्षेत्र घने एवं स्वस्थ वन के रूप में विकसित होगा। प्रशिक्षण में वन विभाग के अधिकारी, वनरक्षक तथा दैनिक श्रमिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1543
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?