सविता सरोज बोली बच्चों की सुरक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी, सतर्कता से बच सकता है परिवार

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घर से भटकी नन्ही दीक्षा को मिला मां का आंचल, चाइल्ड हेल्पलाइन ने मिलाया परिवार से

सोनभद्र। ननिहाल में खेलते-खेलते 2 साल की मासूम दीक्षा अचानक लापता हो गई तो मां दीपा का कलेजा मुंह को आ गया। दलित बस्ती, रॉबर्ट्सगंज में अफरा-तफरी मच गई। मगर कहानी का अंत सुखद रहा।
थाने से प्राप्त सूचना पर परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम सोनभद्र ने तत्परता दिखाते हुए 2 वर्षीय दीक्षा को संरक्षण में लिया। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन टीम से सुपरवाइजर सुधा गिरी एवं काउंसलर अमन सोनकर मौके पर मौजूद रहे।
दीक्षा मूल रूप से ग्राम तुल्लापुर, थाना मेजा, जिला प्रयागराज की रहने वाली है। उसके पिता का नाम शिवम और माता का नाम दीपा है। मां दीपा इन दिनों अपने ननिहाल आई थी, तभी यह हादसा हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी सविता सरोज ने भी तुरंत संज्ञान लिया। उनके मार्गदर्शन में परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह, सुपरवाइजर सुधा गिरी व काउंसलर अमन सोनकर ने बच्ची से मित्रवत बातचीत कर परिजनों का पता लगाना शुरू किया।
कुछ ही घंटों की मेहनत रंग लाई। माता-पिता से संपर्क कर कागजी औपचारिकता पूरी की गई। जब दीक्षा अपनी मां की गोद में पहुंची तो वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
महिला थाना प्रभारी सविता सरोज ने कहा, “बच्चों की सुरक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सतर्कता से हम किसी का घर उजड़ने से बचा सकते हैं।”
परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम 24×7 बच्चों की मदद के लिए तत्पर है। चाइल्ड हेल्पलाइन ने अपील की है कि कोई भी बच्चा लावारिस या भटका मिले तो तुरंत 1098 पर कॉल करें। आपकी एक कॉल किसी मां की सूनी गोद भर सकती है।

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