अमित मिश्रा
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से पंचायत स्तर पर बड़े भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत लोधी में तालाब सुंदरीकरण के नाम पर करीब 87 लाख रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया गया है। इस मामले में पूर्व ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर फर्जी प्रस्ताव तैयार कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।
शिकायतकर्ता लक्ष्मी नारायण का आरोप है कि पंचायत के डोंगल (डिजिटल सिग्नेचर/आईडी) को अवैध रूप से अपने पास रखकर बिना ग्राम पंचायत की बैठक कराए फर्जी प्रस्ताव बनाए गए और लघु सिंचाई विभाग से भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत कराई गई। आरोप है कि इस राशि को आपसी मिलीभगत से गबन करने की तैयारी की जा रही थी।

मामले की जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता ने 26 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद जांच शुरू होने की बात कही जा रही है। आरोप है कि जांच की भनक लगते ही तालाब से पानी निकालने के लिए कई मशीनें लगाकर जल्दबाजी में काम दिखाने की कोशिश की गई।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब उसने 12 मार्च 2025 की रात तालाब पर जाकर मशीनें बंद कराने का प्रयास किया, तो आरोपित पूर्व प्रधान अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। पीड़ित का कहना है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी न हो जाए, तब तक तालाब से संबंधित किसी भी प्रकार का कार्य रोका जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह मामला न केवल पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं में हो रहे कथित भ्रष्टाचार को भी उजागर करता है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश पुलिस पर टिकी हैं कि इस बहुचर्चित मामले में कब और क्या ठोस कार्रवाई होती है।





