आज का वैदिक हिंदू पंचांग

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आचार्य सुशील तिवारी

🕉️ मंगलवार। 20 जनवरी 2026

माघ शुक्ल द्वितीया। विक्रम संवत् 2082

Oकाशी मानक समयानुसार आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। उत्तरायण काल और शिशिर ऋतु में आज का दिन धार्मिक, ज्योतिषीय एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज सिद्धि योग से व्यतीपात योग का परिवर्तन हो रहा है, जो दिन के उत्तरार्ध में विशेष सावधानी और संयम का संकेत देता है।

🌞 पंचांग का विस्तृत विवरण

  • तिथि: द्वितीया — रात्रि 02:42 बजे (21 जनवरी) तक
    तत्पश्चात् तृतीया
  • पक्ष: शुक्ल
  • मास: माघ
  • अयन: उत्तरायण
  • ऋतु: शिशिर

🌟 नक्षत्र व योग

  • नक्षत्र: श्रवण (दोपहर 01:06 बजे तक)
    तत्पश्चात् धनिष्ठा
  • योग: सिद्धि (रात्रि 08:01 बजे तक)
    तत्पश्चात् व्यतीपात

⏰ शुभ-अशुभ समय

  • राहुकाल: अपराह्न 03:22 से 04:44 बजे तक
  • ब्रह्ममुहूर्त: प्रातः 05:25 से 06:18
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:16 से 01:00
  • निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:12 से 01:04 (21 जनवरी)

(समस्त समय काशी मानक समयानुसार)

🌅 सूर्य काल

  • सूर्योदय: 07:10 बजे
  • सूर्यास्त: 06:06 बजे

📿 व्रत–पर्व एवं धार्मिक संकेत

आज व्यतीपात योग रात्रि 08:01 बजे से आरंभ होकर अगले दिन सायंकाल 06:58 बजे तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार व्यतीपात योग में दान, जप, संयम और सात्त्विक आचरण का विशेष महत्व है। इस योग में किए गए पुण्यकर्म अक्षय फल प्रदान करते हैं।

धर्मग्रंथों में द्वितीया तिथि के दिन बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) के सेवन को निषिद्ध बताया गया है, क्योंकि इसे स्वास्थ्य एवं धन के लिए अशुभ माना गया है।

🔮 ज्योतिषीय दृष्टिकोण

  • श्रवण नक्षत्र ज्ञान, श्रवण-शक्ति, शिक्षा, संवाद और सेवा भाव का प्रतीक है।
  • सिद्धि योग कार्यसफलता, प्रतिष्ठा और योजनाओं की पूर्ति का संकेत देता है।
  • व्यतीपात योग में क्रोध, विवाद और जल्दबाज़ी से बचना चाहिए। यह योग आत्मसंयम और सावधानी का संदेश देता है।

आज शिक्षा, लेखन, अध्ययन, आध्यात्मिक साधना और सेवा कार्यों के लिए दिन उत्तम है, जबकि बड़े आर्थिक निर्णयों में विवेक आवश्यक है।

⚠️ स्वास्थ्य विशेष : आलूप्रेमी रहें सावधान

आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता में आलू को कंद वर्ग में अपेक्षाकृत अधिक अहितकर बताया गया है। आधुनिक शोधों के अनुसार तले हुए आलू का अत्यधिक सेवन—

  • मोटापा
  • हृदयरोग
  • मधुमेह
  • चिंता एवं अवसाद
  • तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार

का कारण बन सकता है। चिकित्सक एवं आयुर्वेदाचार्य सीमित एवं संतुलित सेवन की सलाह देते हैं।

आचार्य सुशील तिवारी से 9450160763 पर संपर्क कर सकते है।

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