महाप्रणेता पिताश्री ब्रह्मा बाबा का अव्यक्त आरोहण दिवस मनाया गया

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। सनातन दैवीय संस्कृति के उन्नायक तथा नारियों में आध्यात्मिक जागरण के महाप्रणेता पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने 18 जनवरी 1969 को कायांतरण करके संपूर्णता को प्राप्त किया था। महाप्रणेता पिताश्री ब्रह्मा बाबा का अव्यक्त आरोहण दिवस के रूप में मनाया गया। सेवाकेंद्र पर संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन सेवाकेंद्र संचालिका बीके सुमन बहन ने बताया कि सृष्टि के महापरिवर्तन तथा मनुष्यात्माओं के कल्याणार्थ ईश्वरीय ज्ञान का संदेशवाहक बनने से पूर्व पिताश्री ब्रह्मा बाबा सामान्य सांसारिक लोकाचार से जुड़े थे।

आजीविका हेतु हीरे -जवाहरात का व्यापार करते थे। परंतु ईश्वर ने उनके जीवन को मनुष्यात्माओं को चैतन्य हीरे तरासते के लिए बनाया था। एक दिन अकस्मात गहन आध्यात्मिक परिवर्तन आया। उन्हें परमात्मा शिव का दिव्य साक्षात्कार हुआ और आदि सनातन संस्कृति के उत्कर्ष हेतु मानवीय माध्यम बनने का ईश्वरीय आदेश दिया।

उन्होंने कारोबार को तुरन्त समेटते हुए अपनी सम्पूर्ण चल – अचल सम्पत्ति युग परिवर्तन के कार्य मे लगाते हुए ओम मंडली संस्था की स्थापना किया और यज्ञ के संपूर्ण संचालन का उत्तरदायित्व नारी शक्ति को सौप दिया।


चौदह वर्ष अखंड तपस्या करने के बाद उन्होंने ईश्वरीय ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सेवाकेन्द्रो की स्थापना का कार्य प्रारम्भ किया। ब्रह्मा बाबा भविष्य द्रष्टा थे। उन्होंने परमात्मा के संकल्प को साकार करने के लिए जिस महान कार्य को छोटे स्तर पर प्रारंभ किया था वह आज पांच महाद्वीपों के 140 देशो में 8000 से भी अधिक सेवाकेन्द्रो के माध्यम से साकार हो रहा है। वर्तमान समय में भी पिताश्री ब्रह्मा बाबा अपनी सूक्ष्म शक्तियों के माध्यम से निरंतर मानवता का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

पिताश्री ब्रह्मा बाबा के अव्यक्त आरोहण दिवस को रॉबर्ट्सगंज स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र पर विश्वशांति दिवस के रूप में मनाया गया। जनपद के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेवाकेंद्र पर उपस्थित हुए। विश्व के कल्याण के लिए 108 घंटे की अखण्ड योग भट्टी व मौन साधना द्वारा आध्यात्मिक ऊर्जा से वातावरण को पवित्र बनाने की अलौकिक सेवा किया। ब्रह्मा कुमारी संस्था का विश्वास है कि अति निकट भविष्य में सृष्टि का महा परिवर्तन होगा तथा आध्यात्मिक शक्ति द्वारा भारत में आदि सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना होगी।

सेवा केंद्र पर संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन सेवाकेंद्र संचालिका बीके सुमन बहन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में बीके सीता बहन,सरोज बहन,कविता बहन, दीपशिखा बहन,सहित अन्य लोगों ने सक्रिय योगदान दिया।

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