विश्व ड्राउनिंग प्रिवेन्शन दिवस पर आयोजित हुआ फ्लड मॉक एक्सरसाईज

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राकेश

बाढ़ आपदा से बचाव व सुरक्षा हेतु जिलाधिकारी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ बाढ़ मॉक एक्सरसाईज

डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए आपदा बचाव व सुरक्षा रणनीतियों से डूबने के खतरे को काफी कम किया जा सकता है-जिलाधिकारी

नाविको, गोताखोरो के कार्यो की जिलाधिकारी ने सराहना करते हुए उन्हें ‘‘जल जीवन रक्षक मित्र’’ उपाधि से किया सम्मानित

बाढ़ आपदा से बचाव व सुरक्षा हेतु सर्च एवं रेस्क्यू, मेडिकल कैम्प मैनेजमेंट, राहत शिविर की क्रिया पद्धति से जनमानस को किया गया जागरूक-जिलाधिकारी

भदोही। वर्ल्ड ड्राउनिंग प्रिवेन्शन दिवस के अवसर पर बाढ़ आपदा से बचाव व सुरक्षा हेतु राज्य स्तरीय फ्लड मॉक एक्सरसाईज का आयोजन अध्यक्ष जिला आपदा प्रबन्धन/जिलाधिकारी विशाल सिंह की उपस्थिति व देख-रेख में सीतामढ़ी घाट पर सम्पन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों व क्षेत्रवासियों को बाढ़ से बचाव हेतु जागरूक किया गया।


वर्ल्ड ड्राउनिंग प्रिवेन्शन डे एक वैश्विक कार्यक्रम है जो डूबने के कारण खोई जिन्दगियों को याद करने के साथ ही जल व उसके आप-पास सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है। बाढ़, मॉक एक्सरसाईज के दौरान डूबने से होने वाली मृत्यु के कारणों को पता लगाना और रोकथाम हेतु सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। डूबने से होने वाली मानवीय, सामाजिक तथा आर्थिक क्षति असहनीय है लेकिन इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है। डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए साक्ष्य आधारित किफायती रणनीतियों को लागू करके डूबने के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। मॉक रिहर्सल के दौरान दर्शकों को सुरक्षित बचाव व पुर्नाजीवन तकनीतियों की जानकारी देना जैसे सीपीआर व मूंह से सांस लेने का प्रशिक्षण किया गया।


जिलाधिकारी ने उपस्थित नाविको, गोताखोरो के कार्यो की सराहना करते हुए उन्हें जल जीवन रक्ष मित्र के रूप में उनकी प्रसंशा किया और कहा कि आप लोग एक सजग जल प्रहरी के रूप में स्थानीय स्तर पर 24 घण्टे उपलब्ध रहकर डूबते व बाढ़ में फसे व्यक्तियों की जान को बचाते है। यह बहुत की मानवीय, नैतिक व पूर्ण्य कर्म है।
प्रभारी अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) कुंवर वीरेन्द्र मौर्य ने मॉक एक्सरसाईज के दौरान सर्च एवं रेस्क्यू के अन्तर्गत सीतामढ़ी क्षेत्र से बाढ़ में फसे लोगों को बाहर निकालने हेतु लाईफ रिंग व लाईफ जैकेट पहने बचाव दल की कार्यवाही एवं डूबते हुए व्यक्तियों को बचाने की कार्यवाही की गयी। मेडिकल कैम्प के मैनेजमेंट के अन्तर्गत बाढ़ में फसे लोगों को सुरक्षित निकालकर स्टेªचर से चिकित्सीय उपाचार हेतु लाया गया, प्राथमिक उपचार किया गया। सुरक्षित लाये गये लोगों को राहत शिविर में शरण दिया गया। जहॉ उनकों भोजन पानी व रहने की समुचित व्यवस्था की सुविधा प्रदान कर जनमानस को जागरूक किया गया।


नोडल अधिकारी मॉक एक्सरसाईज अपर पुलिस अधीक्षक डॉ0 तेजवीर सिंह के द्वारा बताया गया कि बाढ़ आपदा से बचाव व सुरक्षा हेतु पुलिस विभाग से सम्बन्धित सभी ईकाईयों द्वारा सर्च एवं रेस्क्यू, क्राउड मैनेजमेंट जल पुलिस आदि के समन्वय व सहयोग का अभ्यास दिखाया गया। साथ ही लाईफ जैकेट पहनने व उचित रख-रखाव सहित सुरक्षित नवकाएं एवं सिपिंग नियमों पर बल दिया गया।

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