13 वर्षीय सौम्या ने किया पिता का अन्तिम संस्कार,उसके कंधों पर घर की जिम्मेदारी

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प्रवीण कुमार

गोंडा(उत्तर प्रदेश)। जिले में रानी पुरवा गांव की रहने वाली कक्षा 8 की छात्रा 13 वर्षीय सौम्या यादव ने अपने 40 वर्षीय पिता की मौत पर उनका अंतिम संस्कार किया है। रानी पुरवा गांव के रहने वाले यीशु ,आसाराम, सुधीर और मुकेश यादव के सहयोग से अपने पिता के शव को ले जाकर अयोध्या शमशान घाट पर मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया है। 40 वर्षीय मृतक पराग दत्त यादव गोंडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैजपुर में सरकारी वार्ड बॉय के पद पर तैनात थे और बीते कुछ समय से दिनो से अस्वस्थ थे,उनके लीवर में इंफेक्शन होने के कारण जिले के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। जहां बीती रात उनकी मौत हो गई थी पराग दत्त यादव के घर में कोई बेटा ना होने के चलते उनकी ही 13 वर्षीय बेटी सौम्या यादव ने अग्नि देने को लेकर के फैसला किया। इसको लेकर गांव और परिवार से राय मशवरा के बाद लोगों से इसको लेकर के सहमति के बाद अपने पिता का शव अयोध्या में ले जाकर के विधि विधान हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया है।

अब बेटी सौम्या यादव द्वारा ही अपने पिता का पूरा काम किया जाएगा और अब 13 वर्षीय बेटी सौम्या यादव के ही कंधों पर पूरी घर की जिम्मेदारी है। इस घटना ने समाज को एक प्रेरणा दी है कि अब लड़कियां भी लड़कों सामाजिक रूप से निभाई जाने वाली जिम्मेदारियां निभा सकती है। समाज में भले लोग कुछ कहे लेकिन लड़कियां कुछ ना कुछ अब संदेश देने का ही काम कर रही है।वहां पर मौजूद लोगों का कहना है कि13 वर्षीय सौम्या यादव अपने पिता को अग्नि देते समय रो रही थी और उसके हाथ कांप रहे थे कि जिस हाथ से मेरे पिता ने मुझे बड़ा किया और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे चलना सिखाया जिस हाथ से वह मेरा कन्यादान करते उसी हाथ से मुझे उन्हें अग्नि देनी पड़ रही है।

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