सोन नदी में हादसा, तीन युवकों की डूबकर मौत, अवैध बालू खनन पर उठे गंभीर सवाल

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

रवि पाण्डेय / अमित मिश्रा

O- शादी की रस्म बनी मौत का कारण, तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में सोन नदी रविवार को एक दर्दनाक त्रासदी की गवाह बन गई। शादी के बाद होने वाली पारंपरिक स्नान रस्म के दौरान नदी में उतरे दो किशोर और एक युवक गहरे पानी में समा गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने जमकर हंगामा किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर ग्राम पंचायत स्थित सोन नदी में शादी की चौथी छुड़ाने की रस्म के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान वीरभद्र उर्फ बोलबम (16 वर्ष), दीपक (9 वर्ष) और संदीप निषाद (18 वर्ष) नदी के गहरे हिस्से में चले गए और डूब गए।

घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लोगों को नदी किनारे से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने नदी में खड़े बालू लदे ट्रकों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, जिसके बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोन नदी में भारी मशीनों से किए जा रहे बालू खनन के कारण बने गहरे गड्ढे इस हादसे की सबसे बड़ी वजह हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफियाओं की मनमानी और प्रशासनिक लापरवाही ने तीन जिंदगियां निगल लीं।

घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी, एसडीएम ओबरा, पीएसी, पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। गोताखोरों और बचाव दलों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पूरे इलाके में शोक, आक्रोश और तनाव का माहौल बना हुआ है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नदी में अवैध या अनियंत्रित खनन से बने गहरे गड्ढे हादसे की वजह बने हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? तीन युवाओं की मौत ने एक बार फिर देशभर में नदी खनन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Comment

1502
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?