हर्षोल्लास से मनाया गया सावन सिंधारा झूला उत्सव

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राणी सती दादी मंदिर में भजन-कीर्तन और झूला झुलाने की परंपरा रही आकर्षण का केंद्र

सोनभद्र। श्री राणी सती दादीजी का वार्षिक सावन सिंधारा झूला उत्सव गुरुवार को सुनीता झुनझुनावाला द्वारा हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया।
उत्सव के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रूप से लाल एवं हरी साड़ियां पहनकर, हाथों में मेहंदी लगाकर और सोलह श्रृंगार कर उत्सव में भाग लिया। दादीजी के दरबार और झूले को ताजे रंग-बिरंगे फूलों, गुब्बारों और लताओं से आकर्षक रूप से सजाया गया। सभी भक्त महिलाओं ने बारी-बारी से दादीजी को श्रद्धापूर्वक झूला झुलाया।
इस शुभ अवसर पर महिलाएं आपस में बांटने के लिए सोलह श्रृंगार की सामग्री, विभिन्न प्रकार की मिठाइयां, टॉफियां, चॉकलेट और फल लेकर आईं तथा प्रसाद एवं उपहार के रूप में एक-दूसरे को वितरित किए। इससे उत्सव का माहौल और भी आनंदमय हो गया।
इस अवसर पर “13 सतियां झूल रहीं”, “सावण री तीजा आई”, “आयो तीजां रो त्योहार” और “झूला-धमाल” जैसे लोकप्रिय भजन व गीत गाए गए। भजनों और भक्तिमय वातावरण से श्रद्धालु महिलाएं उत्साह और भक्ति में सराबोर नजर आईं।
आयोजन को सफल बनाने में श्री राणी सती दादी भक्त महिला मंडल की अध्यक्ष एडवोकेट अनीता थरड, कोषाध्यक्ष मीरा जालान एवं सचिव पूनम खेतान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में रितु जालान, पूजा झुनझुनावाला, सुनीता सावरियाँ, अनिता कनोडिया, उषा जालान, चांदनी अग्रवाल, वीना झुनझुनावाला, सुनीता शराफ, अनिता गोयल एवं सुलोचना सावरियाँ सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।

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