धरना – प्रदर्शन और जन प्रतिनिधियों से लगायी गुहार, नही बनी सड़क तो ग्रामीणो ने स्वयं उठाया फावड़ा

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सीएस पाण्डेय

घघरी-बभनी सम्पर्क मार्ग को ग्रामीणों बनाया

सुनवाई न हुई तो ग्रामीणों ने उठाया फावड़ा, वर्षों से बदहाल घघरी-बभनी मार्ग खुद सुधारने उतरे

बभनी/सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। प्रशासनिक व जन प्रतिनिधियों की उदासीनता को देखते हुए स्थानीय विकास खण्ड क्षेत्र में घघरी से बभनी तक जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को खुद फावड़ा उठा लिया। करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने सड़क पर मिट्टी डालकर गड्ढे भरने और रास्ते को समतल करने का काम शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन लगातार प्रयास के बाद भी स्थायी समाधान नहीं हो सका।

घघरी-बभनी मुख्य संपर्क मार्ग वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा के गठन के समय से ही इस मार्ग के निर्माण की मांग चली आ रही है। करीब तीन हजार से अधिक लोगों के आवागमन का यह प्रमुख रास्ता है। सड़क कच्ची होने के कारण जगह-जगह गड्ढे हैं। बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण रास्ता और खराब हो जाता है। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों की ओर से पहले भी कई स्तरों पर प्रयास किए गए। जिलाधिकारी को ज्ञापन और प्रार्थना पत्र देकर मार्ग निर्माण की मांग की गई। इसके बाद 23 जून को घघरी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाते हुए प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर दिलाया। इस प्रदर्शन की खबर समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई थी।

इसके बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ने पर ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा। 19 जुलाई को प्रधान मुख्य वन संरक्षक, उत्तर प्रदेश वन मुख्यालय लखनऊ को भेजे गए पत्र में वन क्षेत्र में स्थित घघरी-बभनी मार्ग के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई। ग्रामीणों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत ग्रामीणों के अधिकारों के संरक्षण के साथ ही संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था।

मामला भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय तक भी पहुंचा। 28 जुलाई 2026 को दर्ज शिकायत के संबंध में मंत्रालय की ओर से पांच अगस्त को  प्रदेश सरकार के संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने और शिकायतकर्ता को उचित जवाब देने के निर्देश दिए गए। इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार सड़क का स्थायी निर्माण शुरू नहीं हो सका।

बरसात में रास्ते की स्थिति और खराब होने के बाद गुरुवार को ग्रामीण स्वयं सड़क पर काम करने पहुंच गए। राकेश कुमार, अंजनी, रमेश, उमंग गुप्ता सहित करीब एक दर्जन लोगों ने फावड़ा लेकर सड़क पर मिट्टी डाली, गड्ढे भरे और रास्ते को समतल किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थायी सड़क निर्माण का विकल्प नहीं है, बल्कि अपनी समस्या की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया श्रमदान है।

ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से घघरी से बभनी मुख्य संपर्क मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक विभागीय एवं वन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने और स्थायी सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा रोजगार से जुड़ी परेशानियां भी कम होंगी।

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