नारी शक्ति, प्रशासनिक दक्षता और धार्मिकता की अद्वितीय धनी थी अहिल्याबाई: अनिल सिंह

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अमित मिश्रा

अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी के जन्म जयन्ती समारोह सम्पन्न

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर लोकमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी के जन्म जयन्ती बड़े धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि जिला प्रभारी अनिल सिंह , विशिष्ठ अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड मौजूद रहे।लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर मुख्यअतिथि अनिल सिंह , विशिष्ट अतिथि संजीव कुमार गोंड , भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल सहित उपस्थित लोगो ने पुष्पांजलि अर्पित किया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर  भारतीय इतिहास की उन महान नारियों में से है। जिन्होंने नारी शक्ति प्रशासनिक दक्षता और धार्मिकता का ऐसा आद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी स्मृति आज भी भारतीय जनमानस में श्रद्धा के साथ अंकित है, 31-मई-1725-को महाराष्ट्र के अहमदनगर जनपद स्थित चौड़ी ग्राम में जन्म अहिल्याबाई होल्कर की प्रारंभ से ही विलक्षण प्रतिभा और प्रखर बुद्धि की धनी थी।

11-दिसंबर-1767 को जब उन्हें विधिवत राज्याभिषेक का राज सिंहासन सौपा गया तब उन्होंने न केवल राज्य को स्थापित किया बल्कि अपनी दृष्टि न्यायाधीश से धर्मिष्ठा से उन्हें समृद्धि की ओर अग्रसर किया गया लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर परम शिव भक्त थी उन्होंने होलकर समाज की समस्त संपत्तियों पर तुलसी जल रख कर उसे भगवान शिव को अर्पित किया रानी अहिल्याबाई होल्कर ने कई मंदिरों का निर्माण किया जिसमें सोमनाथ मंदिर गुजरात मोहम्मद गजनवी और औरंगजेब द्वारा नष्ट किया गया था।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि संजीव कुमार गोंड़ ने कहा कि स्वाभिमान और प्रजा के प्रति सेवा के लिए महारानी अहिल्याबाई होल्कर को पुण्यश्लोक की उपाधि प्राप्त हुई थी। ब्राह्मण मे भगवान विष्णु, पांडव युधिष्ठिर, राजा नल और इंदौर के होल्कर वंश की महारानी अहिल्याबाई सहित चार को ही पुण्यश्लोक की उपाधि प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि पति, ससुर, पुत्र की मौत के बाद भी देश मे तीन हजार मंदिरों का निर्माण-पुनरोद्धार और महिलाओं के उत्थान और सुशासन के लिए अहिल्याबाई के महिला सशक्तिकरण संघर्षों की जीवन गाथा समाज के लिए अनुकरणीय है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री जीत सिंह खरवार ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का मानना था कि शिक्षा ही एक मात्र ऐसी चीज है जो किसी व्यक्ति को आत्मनिर्भर बना सकती है। अहिल्याबाई ने विधवा महिलाओं के अधिकारों की जो लड़ाई लड़ी वह एक मिशाल बन गई विषम परिस्थिति मे लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अपने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए मुगल आक्रांताओं द्वारा विध्वंस किये गये मंदिरो का निर्माण कराया।


जिलाध्यक्ष नन्दलाल ने कहा कि पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जन्मजयंती पर उनके त्याग बलिदान को आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराएं। महारानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याआई होल्कर की 8 साल के उम्र में शादी हो गयी थी 29 साल की उम्र वो विधवा हो गयी पर उन्होने हार नही मानी वो इतनी न्यायप्रिय थी की बेटे की कुर्बानी से पीछे नही हटीं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने से पहले उनकी जीवनी को छिपाकर रखा गया था नरेन्द्र भाई मोदी जी इतिहास के हर पन्ने को पलटने का प्रयास कर रहे है। जो पिछली सरकारों ने दबाकर रखा था। अहिल्याबाई होलकर महिला सशक्तिकरण की मिशाल थी। महिलाओं को शिक्षा का अधिकारी दिया, महिला विद्यालय बनवाया, दहेज प्रथा के खिलाफ कानून बनाया।


कार्यक्रम मे मुख्यरुप से पूर्व सांसद नरेन्द्र कुशवाहा, पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश मिश्रा, अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अजीत रावत, अध्यक्ष नगर पालिका रुबी प्रसाद, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, धर्मवीर तिवारी, अजीत चौबे, एनजीवो प्रकोष्ठ संयोजक आनन्द गुप्ता, कार्यक्रम सह संयोजक प्रसन्न पटेल, पुष्पा सिंह, उपाध्यक्ष उदयनाथ मौर्या, रमेश पटेल, ओमप्रकाश दूबे, रंजना सिंह, जिला मंत्री संतोष शुक्ला, शंम्भू नारायण सिंह, अनूप तिवारी, बृजेश श्रीवास्तव, अमरेश चेरो, नार सिंह पटेल, कमलेश चौबे, अनिल सिंह, रामनिवास तोमर, रजनीश रघुवंशी, रामबली मौर्या, मनीष पटेल, अंकुर सिंह, गुडिया तिवारी, सुनिता पाण्डेय, रंजना पाण्डेय, प्रिया सोनकर, ज्योति खरवार, मीनू चौबे, रुबी गुप्ता, मंजू गिरी, सरोज केशरी, वन्दना वर्मा, शबनम मिश्रा, किरन तिवारी सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।

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