टीबी उन्मूलन के लिए कठपुतली नृत्य से ग्रामीणों को किया गया जागरूक

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सीएस पाण्डेय

हिण्डाल्को ने करकच्छी गांव में चलाया अभियान

बभनी(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। स्थानीय विकास खण्ड के करकच्छी गांव में हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग रेणुकूट ने टीबी रोग उन्मूलन पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। बुधवार को हुए इस कार्यक्रम में कठपुतली नृत्य और जादू के माध्यम से ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी के लक्षण, इसकी जांच और शीघ्र इलाज के महत्व के बारे में जानकारी देना था। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।टीबी के प्रमुख लक्षणों में दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, खांसी के साथ खून आना, शाम को तेज बुखार, रात में पसीना आना, बिना कारण वजन कम होना, भूख न लगना, थकान, कमजोरी, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं।


ग्रामीणों को सलाह दी गई कि इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं को नियमित रूप से और पूरा कोर्स अवश्य लें। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ‘डायरेक्टली ऑब्जर्व्ह ट्रीटमेंट’ (DOT) कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्यकर्मी उपचार की निगरानी करते हैं।
इसके अतिरिक्त, डॉक्टर की सलाह पर बलगम या रक्त परीक्षण जैसी टीबी की जांच अवश्य करवाएं। खांसते और छींकते समय मुंह को ढककर स्वच्छता बनाए रखने से संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।

बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिखते हैं, तो उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पीएचसी, सीएचसी या जिला अस्पताल में जांच करानी चाहिए। सरकारी प्रावधानों के अनुसार, इन स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।

इस अवसर पर हिंडालको ग्रामीण विकास विभाग के सीएसआर प्रमुख अनिल कुमार झा, शुभ आशीष चक्रवर्ती, प्रदीप कुमार सोनी, मुख्य ब्लॉक संयोजक लालकेश कुशवाहा, शिव पूजन सोनी, पांडे रामचरण, जवाहर जोगी, गम्भीर सिंह, सविता राम अवतार, ताराचंद, भोला प्रसाद और मुन्ना सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे।

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