वेदांता पावर प्लांट हादसा: एक ही गांव में पहुंचे तीन शव, पसरा मातम

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अमित मिश्रा

कोन (सोनभद्र) । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कोन थाना क्षेत्र अंतर्गत पीपरखाड़ गांव में बुधवार सुबह उस वक्त दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जब करीब 9 बजे एक साथ तीन एम्बुलेंस गांव में पहुंचीं। इन एम्बुलेंसों में गांव के तीन युवकों के शव थे, जिनकी मौत छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में हुए भीषण औद्योगिक हादसे में हो गई थी। एक साथ तीन अर्थियों के गांव पहुंचते ही पूरा इलाका गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।

वेदांता पावर प्लांट में हुआ था भीषण विस्फोट

जानकारी के मुताबिक, 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के सिंहीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट के यूनिट नंबर-1 में दोपहर करीब 2:30 बजे बॉयलर विस्फोट हुआ था। इस हादसे में कई मजदूरों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में सोनभद्र के कोन क्षेत्र के तीन युवक भी शामिल थे।

तीनों मृतक एक ही गांव के, दो चचेरे भाई

हादसे में जान गंवाने वालों में पीपरखाड़ गांव के बरवाहा टोला निवासी राजू राम (40) पुत्र चरित्र राम और बृजेश (31) पुत्र जवाहिर राम, जो आपस में चचेरे भाई थे, शामिल हैं। वहीं तीसरे मृतक पंकज (25) पुत्र सुभाष, केवाल टोला के रहने वाले थे। तीनों युवक करीब तीन महीने पहले संविदा के माध्यम से वेदांता प्लांट में मजदूरी करने छत्तीसगढ़ गए थे।

गांव में मचा कोहराम, एक साथ उठीं तीन अर्थियां

जैसे ही शव गांव पहुंचे, परिजनों में कोहराम मच गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।

एक ही घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार कचनरवा स्थित पाण्डु नदी के किनारे श्मशान घाट पर एक साथ किया गया। एक ही गांव से तीन जवान बेटों की अर्थियां एक साथ उठने का दृश्य इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

सवालों के घेरे में औद्योगिक सुरक्षा

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा व सरकारी सहायता देने की मांग की है।

यह हादसा न सिर्फ तीन परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि देशभर में काम करने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सरकार और संबंधित कंपनियों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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