महात्मा बुद्ध का संदेश समाज को एक समान जीने का अधिकार देता है:माता प्रसाद

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

सोनभद्र। त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा अर्थात जन्म, ज्ञान प्राप्ति व देहावसान आज ही के दिन बैशाख पूर्णिमा/बुद्ध पूर्णिमा हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। सोनभद्र नगर में भन्ते आनंद द्वारा त्रिशरण एवं पंचशील कराने के बाद सुबह 8.30 बजे सैकड़ो धम्मं बंधुओं के साथ धम्मं प्रभातफेरी तथागत बुद्ध विहार से प्रारम्भ होकर नगर में मेन चौक होते हुए धर्मशाला चौराहा से होते हुए चंडी तिराहा से बढ़ौली चौराहा से महिला थाना होते हुए धम्मं घोष व नारे के साथ ” गौतम बुद्ध का है पैगाम, मानव मानव एक समान।

इसके बाद आयोजित बुद्ध पूर्णिमा कार्यक्रम में महिला पुरुष व बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए माता प्रसाद ने कहा कि बुद्ध का धम्मं एक ऐसा मार्ग है जो सर्व समाज को एक समान जीने का अधिकार देता है और मानवता को स्थापित करता है एवं भगवान बुद्ध के बताये गए मार्ग पर चलकर देश दुनिया मे व्याप्त भ्रष्टाचार, हिंसा, व्यभिचार, अत्याचार का जो माहौल है उससे मुक्त किया जा सकता है।

देश विदेश में सुरक्षा शांति का माहौल कायम हो सकता है एक सभ्य समाज के निर्माण के लिए भगवान बुद्ध ने पंचशील रूपी रास्ता दिए जिसका पालन करके एक मनुष्य एक समाज शीलवान बनता है जिससे लोग सुखी व समृद्धि होते है लेकिन ज्योही हम पंचशील के रास्ते से दूर होते है तो शीलवान समाज से अश्लील समाज हो जाता है इसलिए समाज को हिंसा, नफरत, झूठ, चोरी, घूसखोरी, व्यभिचार, नशाखोरी व पर्यावरण असंतुलन जैसी महामारी से मुक्त करने के लिए बुद्ध का रास्ता अपनाना ही पड़ेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिव चरण यादव ने कहा कि बुद्ध अपने आपको मार्ग बताने वाला बताये आपको उनके रास्ते खुद चलना पड़ेगा तभी आपका मंगल होगा। वही खरपत्तू ने कहा कि बुद्ध का मार्ग बहुत सरल व लोक कल्याण का मार्ग है उसको अपनाकर ही हम अपना जीवन मंगल बना सकते है। कार्यक्रम के संयोजक लक्ष्मी नारायण पटेल ने सबका आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर उपासकगण अनिल कुमार सिंह, सुनील कुमार , चंद्रेश कुमार, रमेश गुप्ता, गोपाल निराला, उमेश कुशवाहा, संतोष गौतम, उदय राज, राजकुमार बौद्ध, एड प्रदीप कुमार, एड उदय राज, बृजबिहारी,बलवंत सिंह अनिरुद्ध, निरंजन, शिवानन्द, पी के मौर्य, राजकुमार सोनकर,वीरेंद्र कुमार मौर्य इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

Leave a Comment