ट्रेड यूनियन-किसान संगठनों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति नामित सौंपा ज्ञापन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं


‘चार श्रम संहिता वापस लो, MSP की गारंटी दो’ के नारे गूंजे

सोनभद्र।  केंद्रीय श्रम संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को जिला ट्रेड यूनियन एवं किसान मोर्चा के बैनर तले मजदूर-किसानों ने उपश्रमायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम 16 सूत्रीय मांग पत्र उपश्रमायुक्त के माध्यम से सौंपा। ये रहीं प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में सरकार से 4 श्रम संहिताओं को वापस लेने, न्यूनतम वेतन ₹42000 प्रतिमाह, 8 घंटे कार्य दिवस, हड़ताल और सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार देने की मांग की गई।
किसानों के लिए सभी फसलों पर लागत का डेढ़ गुना MSP की गारंटी, कर्ज माफी की मांग उठाई गई।
बिजली संशोधन विधेयक 2025 वापस हो, बिजली निजीकरण पर रोक लगे, मनरेगा बहाल हो, 200 दिन काम और ₹700 प्रतिदिन मजदूरी मिले।
इसके अलावा सार्वजनिक उपक्रमों, बैंक, बीमा के निजीकरण पर रोक, पुरानी पेंशन OPS बहाली, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती, स्वास्थ्य को अधिकार का दर्जा, बेरोजगारों को अस्थाई रोजगार, श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन और डाला-चुर्क-चुनार की पूर्व राजकीय सीमेंट फैक्ट्री मजदूरों को हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार वेतन-पेंशन देने की मांग शामिल है।नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
जिला अध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी की अध्यक्षता और सुरेंद्र पाल के संचालन में हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार मजदूर-किसानों की बात नहीं सुन रही है। आंदोलन को मुकदमों और दमन से कुचलने की कोशिश हो रही है। सरकार उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान सरकार ने 11 वादे किए थे, एक भी पूरा नहीं हुआ। दिल्ली बॉर्डर पर 700 से अधिक किसान शहीद हुए। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, सरकारी संस्थानों में लाखों पद खाली हैं लेकिन भर्ती नहीं हो रही। 2015 के बाद श्रम सम्मेलन बंद कर दिए गए। नेताओं ने भारत सरकार से अपील की कि मजदूरों-किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत से किया जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उपस्थित रहे: इंटक के हरदेवनारायण तिवारी, सीटू के विशंभर सिंह, एटक के राजेंद्र सिंह, कामरेड लालचंद, इंटक के प्रांतीय संयुक्त सचिव उत्तम कुमार मिश्रा, अवधराज सिंह, शमीम अख्तर खान, महेशचंद्र मिश्रा, दिलीप कुमार सिंह, गुड्डू उपाध्याय, कंपनी खरवार, अकमानी देवी, शिव प्रसाद खरवार, हरिशंकर गौड़, राजा राम भारती, मेघनाथ पासवान, पन्नालाल, कंचन सिंह, देव कुमार विश्वकर्मा, बृजराम, फूलमती पाल, नीलम सिंह, कलावती देवी, भोला प्रसाद, दूधनाथ खरवार, बीरबल, बचिया देवी सहित बड़ी संख्या में मजदूर-किसान।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1543
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?