उच्च न्यायालय ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धनगर जाति प्रमाण पत्र को माना वैध

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अमित मिश्रा

अगस्त 2024 में  जिला स्क्रूटनी कमेटी ने सुभाष पाल के धनगर जाति प्रमाण पत्र को कर दिया था निरस्त

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल की धनगर जाति के प्रमाण पत्र को लेकर जिलाधिकारी द्वारा गठित जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी ने अगस्त 2024 मे जाँच कर निरस्त करने का आदेश पारित किया गया था। जिसके बाद पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने उच्च न्यायालय में अपील कर जिला स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की जांच को चुनौती दिया।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य की याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा जिला स्क्रूटनी कमेटी के आदेश को विधि के विरुद्ध व गलत मानते हुए समाप्त करने का आदेश देते हुए धनगर प्रमाण पत्र को वैध माना है।

चोपन अंचल के कोटा क्षेत्र से पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रहे सुभाष पाल पुत्र रामराज पाल निवासी डाला बाजार द्वारा तहसीलदार स्तर से जाति धनगर (अनुसूचित जाति ) का प्रमाण पत्र हासिल किया था। जिसे सुभाष पाल द्वारा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई, उच्च न्यायालय ने 15 मई को जिला स्क्रूटनी कमेटी के आदेश को विधि के विरुद्ध व गलत मानते हुए समाप्त करने का आदेश देते हुए धनगर प्रमाण पत्र को वैध माना है।

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