कमाने गए युवक का शव गांव पहुंचा मचा कोहराम, मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को घंटों रोके रखा

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नवीन कुमार

0- पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

कोन (सोनभद्र)। दो माह पूर्व रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात गया एक युवक शुक्रवार को शव बनकर अपने गांव लौटा। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी बेसुध हो गई तो बूढ़े पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मृतक के दो मासूम बच्चे हैं, एक तीन साल का और दूसरा महज दो साल का। पिता को खोने के बाद अब इन बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

मृतक की पहचान आशीष शर्मा (27) पुत्र कामेश्वर शर्मा निवासी करईल, थाना कोन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार आशीष दो महीने पहले झारखंड के एक ठेकेदार के माध्यम से गुजरात के अहमदाबाद में एक निजी कंपनी में काम करने गया था। शुक्रवार को ड्यूटी के लिए निकलने के बाद उसे सिर में तेज दर्द हुआ। उसने अपने दोस्तों को इसकी जानकारी दी और कमरे पर लौट आया। कुछ देर बाद उसने फिर से साथियों को फोन कर तुरंत आने को कहा।

साथी काम छोड़कर कमरे पर पहुंचे तो देखा कि आशीष को उल्टियां हो रही थीं। तत्काल मामले की सूचना कंपनी को दी गई। कंपनी प्रबंधन की ओर से एम्बुलेंस बुलाकर एक निजी डॉक्टर के पास भेजा गया, जहां से उसे बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। लेकिन इलाज के दौरान ही करीब पांच घंटे बाद उसकी मौत हो गई।

शव जब गांव पहुंचा तो मातम का माहौल छा गया। परिजनों ने ठेकेदार और कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि जिस ठेकेदार के माध्यम से वह काम पर गया था, वह न तो शव के साथ आया और न ही कोई कागजी कार्रवाई की गई। मुआवजे के नाम पर भी अभी तक कुछ नहीं मिला है।

गुस्साए ग्रामीणों ने शव लाने वाली एम्बुलेंस को गांव में ही रोक दिया और मुआवजे की मांग पर अड़ गए। खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को रोके रखा था और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे।

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