सोनभद्र में शंकराचार्य की सनातन जागृति यात्रा, बोले- जो गौ रक्षा की बात करेगा, समर्थन उसी को मिलेगा

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भगवा पहनकर गौमांस का लाइसेंस देने वाले संत नहीं, योगी सरकार पर साधा निशाना

O ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई

सोनभद्र। जिले में ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ संरक्षण एवं सनातन जागृति यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। दुद्धी, हाथीनाला, ओबरा, घोरावल और रॉबर्ट्सगंज समेत जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज और राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए।
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर निकाली जा रही इस यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भगवा कपड़ा पहनकर गौमांस बेचने का लाइसेंस देने वाले संत नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जो दल गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करेगा, समर्थन उसी को मिलेगा।
गौ संरक्षण एवं सनातन जागृति यात्रा के तहत ज्योतिर्मठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का काफिला जिले के विभिन्न हिस्सों में पहुंचा। हाथीनाला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर, ओबरा के मानस भवन, घोरावल क्षेत्र और रॉबर्ट्सगंज नगर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और गौ-पूजन के साथ उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जबकि सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे।
ओबरा मानस भवन में आयोजित सभा के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय केवल पशु नहीं बल्कि माता का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सोच गाय को केवल दूध और मांस के दृष्टिकोण से देखती है, जबकि भारतीय परंपरा में गाय सेवा, संस्कार और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने राजा दिलीप और रघुवंश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि गौ सेवा से ही रघुवंश की स्थापना हुई और उसी वंश में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ।
घोरावल विधानसभा में सभा के दौरान घोरावल सपा के पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों का आभार व्यक्त करते हुए रॉबर्ट्सगंज पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा व घोरावल विधायक रमेश चंद दुबे को गोवंश स्थल बनाने के लिए एक-एक रुपए चंदा लेकर बनाने का संकल्प दिलाया। इसके उपरांत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश पांडे उर्फ जयपुर पांडे के कार्यक्रम में उपस्थित हुए।
मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवा वस्त्र पहनकर गौमांस बेचने का लाइसेंस जारी कर रहे हैं, वे संत नहीं हो सकते। बिना नाम लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रावण भी भगवा वेश धारण कर आया था, इसलिए केवल वस्त्र देखकर किसी को संत नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि गौ रक्षा के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि जमीन पर गौवंश की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यात्रा का केवल एक उद्देश्य है गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना। उन्होंने साफ कहा कि जो राजनीतिक दल यह संकल्प लेगा, उसी को उनका समर्थन मिलेगा, चाहे वह सत्ता पक्ष हो या विपक्ष। उन्होंने भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कार्यक्रमों में विपक्षी दलों के लोग तो दिख रहे हैं, लेकिन भाजपा के लोग गाय के मुद्दे से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने सनातन धर्म, शास्त्र आधारित जीवन, मर्यादा और विवेक पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज समाज में धर्म के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है और लोग बाहरी वेशभूषा देखकर किसी को भी संत मान लेते हैं। रामचरितमानस और लक्ष्मण रेखा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक आधार सदाचार और आचरण है, न कि केवल भगवा वस्त्र।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में अधर्म और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ही सच्चा धर्म है। जटायु प्रसंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब एक पक्षी भी माता सीता के हरण पर शांत नहीं बैठा, तो सनातन समाज अधर्म देखकर मौन कैसे रह सकता है। उन्होंने कहा कि समाज को यह तय करना होगा कि धर्म के पक्ष में कौन खड़ा है और अधर्म के साथ कौन खड़ा है।
शंकराचार्य ने कहा कि इस यात्रा में सबसे पहले भाजपा वालों को सामने खड़ा होना चाहिए था, किंतु वह गौ माता के नाम पर हिंदुत्व और विकास के नाम पर वोट केवल मांगते हैं। इस बार अगर वोट करें तो जो गौ रक्षा करे उसे ही वोट दें।
यात्रा के दौरान गौ संरक्षण को मजबूत करने के लिए प्रत्येक विधानसभा स्तर पर प्रतिनिधियों की नियुक्ति का भी ऐलान किया गया। शंकराचार्य ने कहा कि गोरखपुर से शुरू हुई यह यात्रा अब तक 45 जिलों का भ्रमण कर चुकी है और 24 जुलाई तक प्रदेश के सभी 80 जिलों में पहुंचकर गौ धाम निर्माण और गौ संरक्षण का संदेश देगी। कार्यक्रम के अंत में रॉबर्ट्सगंज स्थित राम-जानकी मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद शंकराचार्य का काफिला चंदौली के लिए रवाना हो गया।

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