सेवानिवृत शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में किया विरोध प्रदर्शन, पेंशन को लेकर बुलंद की आवाज

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अमित मिश्रा

O उप्र सेवन निर्मित प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद बैनर तले सौंपा पत्र

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सेवन निर्मित प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद बैनर तले सेवन निर्मित कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नामित ज्ञापन जिला अधिकारी प्रतिनिधि को देखकर बुलंद की आवाज।
वही संगठन अध्यक्ष बैजनाथ देव पांडेय, केन्द्रीय सिविल सेवा (पेन्शन) नियमों और भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारियों पर व्यय के सिद्धान्तों के वैधकरण से संबंधित विधेयक संसद से पारित हो जाने के फलस्वरूप केन्द्र सरकार को पूर्व पेंशनरों और वर्तमान पेंशनरों में विभेद करने का अधिकार भी प्राप्त हो गया है। इस प्रकार केन्द्र सरकार के द्वारा पूर्व पेंशनरों एवं वर्तमान पेंशनरों में भेद करने के अधिकार प्राप्त करने से न केवल उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लंघन होता है पहले व इसके पश्चात के पशनरों के मध्य 7वें वेतन आयोग द्वारा प्रदत्त समानता भी समाप्त होने का जोखिम उत्पन्न हो गया है। हालॉकि केन्द्र सरकार द्वारा स्पष्ट भी किया गया है कि यह कार्यवाही कतिपय मुकदमों से उत्पन्न स्थिति के कारण करनी पडी है। यदि ऐसा था तो भी उक्त बिल में इस आशय का उल्लेख किया जा सकता था कि यह एक सीमित उददेश्य के लिए है एवं इसका कोई प्रभाव आगामी केन्द्रीय वेतन आयोग पर नहीं पडेगा ।आदरणीय देश की सामाजिक व्यवस्था में देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय एवं सुरक्षा प्रदान करना भी प्रत्येक कल्याणकारी शासन व्यवस्था का मुख्य उददेश्य होता है। इस न्याय को प्रदान किए जाने हेतु न्यायालयों के द्वारा दिये गये निर्णय को सामान्य जन सहित प्रत्येक क्षेत्र के लोगों द्वारा स्वीकार किए जाने की अपेक्षा की जाती है। इस कम में यह भी अवगत कराना है कि डी०एस० नाकरा बनाम यूनियन आफ इण्डिया से संबंधित सिविल रिट पिटीशन उच्चतम् न्यायालय के 5 जजों की संवैधानिक पीठ द्वारा दिये गये निर्णय में अन्य के साथ निम्नलिखित संवीक्षा भी की गई
पेंशन उन लोगों के लिये सामाजिक न्याय प्रदान करने हेतु एक सामाजिक उपाय है जिन्होंने अपने जीवन की सर्वोत्तम अवधि अपनी नियोक्ता के लिये इस आश्वासन के दृष्टिगत कठिन परिश्रम किया कि बुढापे में उन्हें समाज में बेसहारा न छोडा जायेगा। सहित अन्य कई माग रही इस मौके पर लल्लन सिंह, रासबिहारी, ब्रिज देव पांडे, राजाराम ,संजय कुमार सिंह, बाबूराम सिंह ,कैलाश देव पांडे, बलराम सिंह, कपिल देव ,अमरेश ,सोहन, श्याम नारायण सिंह ,छन्नू प्रसाद आदि मौजूद रहे।

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