अमित मिश्रा
न्यूज़ EXPRESS भारत की Exclusive News
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। सोनभद्र से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर।
बिजली संकट को लेकर जनता के बीच पहुंचे सदर विधायक भूपेश चौबे ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त तेवर अपनाए। ग्रामीणों की शिकायतों के बीच विधायक ने मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर से कड़े सवाल पूछे और बिजली व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आखिर क्या है पूरा मामला, देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट।”
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कोन क्षेत्र में लगातार खराब विद्युत आपूर्ति को लेकर जनता का आक्रोश अब राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में लंबे समय से बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति से परेशान ग्रामीणों की शिकायतों के बीच सदर विधायक भूपेश चौबे स्वयं मौके पर पहुंचे और संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) से सार्वजनिक रूप से जवाब-तलब किया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में विधायक भूपेश चौबे अधिकारियों से यह सवाल करते दिखाई देते हैं कि जब जनता को समय पर बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है, तो जवाबदेही किसकी है। वीडियो में वह अपनी नाराजगी के दौरान जेई को बिना बिजली वाले कमरे में बंद कराने जैसी बात भी कहते सुनाई देते हैं। यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोन क्षेत्र में कई दिनों से लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने, लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही बिजली विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था तत्काल सुधारने और उपभोक्ताओं को राहत देने के निर्देश दिए।
यदि आप न्यूज़ पैकेज के लिए एक बयान का ड्राफ्ट चाहते हैं, तो इसे इस तरह लिखा जा सकता है। इसे तभी भूपेश चौबे के नाम से प्रकाशित करें जब यह उनके वास्तविक विचारों से मेल खाता हो या उनकी स्वीकृति प्राप्त हो।
सदर विधायक भूपेश चौबे का बयान

“कोन क्षेत्र की जनता लंबे समय से खराब बिजली आपूर्ति की समस्या से जूझ रही है। लगातार शिकायतें मिलने के बाद मैं स्वयं मौके पर पहुंचा और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। मेरा उद्देश्य किसी अधिकारी का व्यक्तिगत अपमान करना नहीं, बल्कि जनता की समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करना था। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है, तो जनप्रतिनिधि होने के नाते सवाल पूछना मेरा दायित्व है। मैंने बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में निर्बाध और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। जनता का हित और उनकी सुविधाएं मेरे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, और इस विषय में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थक इसे जनता के हित में जनप्रतिनिधि की सक्रियता और जवाबदेही तय करने का प्रयास बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना ने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
हालांकि, इस पूरे मामले में बिजली विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग का पक्ष आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, सोनभद्र के कोन से सामने आया यह वीडियो प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता को बेहतर बिजली व्यवस्था मिलेगी और क्या विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
संपादकीय नोट: यह रिपोर्ट वायरल वीडियो और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। वीडियो में दिखाई गई बातों और घटनाक्रम का स्वतंत्र सत्यापन तथा संबंधित बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को भी प्रकाशित अद्यतन किया जायेगा ।






