अमित मिश्रा / गौरव पाण्डेय
रामगढ़ (सोनभद्र) । चतरा ब्लॉक क्षेत्र के चिंतावनपुर – खुज्झा संडी में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपनी जमीन बचाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रभावित किसान शामिल हुए और सरकार व प्रशासन से परियोजना को लेकर किसानों के हितों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान गुप्त काशी के नायक एवं पर्यावरण प्रहरी रवि प्रकाश चौबे किसानों के बीच पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के नाम पर किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पर्यावरण को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की आशंका चिंता का विषय है।
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि संगठन किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन, आदिवासी समुदायों और किसानों के अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उनके मुताबिक एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं से उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होने तथा पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका है।
किसान विमलेश पटेल ने कहा, “जान दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे। जमीन हमारे लिए मां के समान है और कोई अपनी मां को नहीं बेचता।”
वहीं गुलाब ओझा ने आरोप लगाया कि किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। नीरज पटेल ने कहा कि कृषि भूमि उनके परिवारों की आजीविका का आधार है और किसान अपनी जमीन पर किसी भी ऐसी परियोजना का विरोध करेंगे, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो।
जनार्दन शुक्ला ने कहा कि विरोध के बावजूद यदि परियोजना को आगे बढ़ाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। चेतन ओझा ने आरोप लगाया कि औद्योगिक विकास के नाम पर ग्रामीणों को उनकी जमीन से बेदखल कर मजदूर बनाने की योजना बनाई जा रही है।
सुरेंद्र मौर्य ने कहा कि किसी भी सूरत में सड़क नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने मांग की कि यदि सड़क बनानी है तो पहले आरपीके रोड का निर्माण कराया जाए।
कार्यक्रम में सैकड़ों प्रभावित किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।






