राजनीतिक सामाजिक संगठनों ने सौपा ज्ञापन

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। मंगलवार को कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी महोदय से रॉबर्ट्सगंज के अदालत / तहसील परिसर में न्याय और संवैधानिक सिद्धांतों से अलग एक खास धर्म को बढ़ावा देने व पूजा अनुष्ठान के लिए कराए जा रहे मंदिर निर्माण के संबंध में प्रेषित मांग पत्र दिए। जिसमे *आजाद समाज पार्टी जिलाध्यक्ष रविकांत ने अपने संबोधन में कहा* कि जनपद सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज की न्यायालय / तहसील परिसर में मुख्य गेट नंबर 2 के पास न्याय के मंदिर में माथा टेकने की बजाय संवैधानिक सिद्धांतों को ताक पर रखकर पूजा अनुष्ठान और आरती प्रार्थना तथा एक खास धर्म के लिए बड़ा और भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है,मुख्य गेट से न्यायपालिका रॉबर्ट्सगंज से संबंधित सभी न्यायाधीश और तहसील प्रशासन के उप जिलाधिकारी , तहसीलदार सहित राजस्व कर्मचारी एवं न्यायपालिका तमाम कर्मचारी गणों का आवागमन है फिर भी मंदिर निर्माण के तरफ किसी का ध्यान आकृष्ट नहीं हुआ। जबकि न्यायालय परिसर में किसी धर्म द्वारा किसी भी प्रकार के मंदिर का निर्माण नहीं होना चाहिए। इसको तत्काल रोका जाय।
*सीपीआईएम जिला सचिव नंदलाल आर्य ने कहा* न्यायालय परिसर में किसी खास धर्म द्वारा पूजा पाठ और आरती अनुष्ठान के लिए मंदिर का निर्माण दूसरे धर्म के लोगों के भावना के साथ खिलवाड़ करना है। अगर ऐसा होता है तो यह असंवैधानिक होगा। आज सत्ता सरकार न्यायपालिका को किस दिशा में लेजाना चाहती है। न्याय के मंदिर में न्याय संविधान से मिलेगा। किसी धर्म विशेष के मंदिर से नही। इसको तत्काल रोका जाना चाहिए। *सीपीआई जिला सचिव डॉ आर के शर्मा ने कहा* तहसील परिसर में मंदिर निर्माण के बजाय फरियादियों व वादकारियों के ठहरने के लिए वहां मुसाफिरखाना का निर्माण होना चाहिए ताकि सोनभद्र के दूर – दूर और कोने – कोने से गरीब असहाय परेशान जिसको न्यायालय में तारीख मुकदमा की पैरवी और देखने के लिए इधर-उधर कभी रेलवे
स्टेशन , बस स्टेशन तथा अपने नात रिश्तेदारों व परिचितों के यहां रुकना पड़ता है। उनके लिए सहूलियत मिलेगी। जिसमे हर धर्म मजहब के लोग ठहर सकेंगे। मंदिर निर्माण असंवैधानिक है। इसके निर्माण को रोका जाना चाहिए। *आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष रमेश गौतम ने कहा* आज भाजपा की डबल इंजन सरकार संवाधनिक संस्थाओं को खत्म करना चाहती है। संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ कर रही है। न्याय परिषद में एक धर्म का मंदिर बनाकर सोनभद्र को भी सांप्रदायिक आग में झोंकने का प्रयास कर रही है। इसका हम लोग विरोध करते हैं।आज ज्ञापन देने में समाजसेवी अमृतलाल और अरुण कुमार शामिल रहे।

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