अमित मिश्रा
O- 15 अप्रैल से शुरू होगी कार्रवाई, बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया शेड्यूल
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में जर्जर और अनुपयोगी स्कूल भवनों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी, रॉबर्ट्सगंज द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पुराने भवनों की नीलामी अप्रैल 2026 से निर्धारित तिथियों पर की जाएगी।
जारी पत्र के मुताबिक, तकनीकी समिति द्वारा इन भवनों को पहले ही “जर्जर और अनुपयोगी” घोषित किया जा चुका है। इसके बाद अब उनकी नीलामी कर राजस्व जुटाने और सुरक्षा जोखिम को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
नीलामी की तिथियां और समय तय
आदेश में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि:
- नीलामी प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक चलेगी
- अलग-अलग विद्यालयों के लिए अलग तिथि और समय निर्धारित किया गया है
- नीलामी सुबह 9 बजे और दोपहर 12 बजे स्लॉट में आयोजित होगी
कई स्कूल भवन शामिल
सूची में दर्जनों प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं, जिनमें:
- प्राथमिक विद्यालय पिपरी
- प्राथमिक विद्यालय गाइडहिया
- प्राथमिक विद्यालय औरसोरा
- उच्च प्राथमिक विद्यालय लसड़ा
- कंपोजिट विद्यालय बड़गांव, मोकर्सम आदि
इन भवनों को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक मानते हुए हटाने का निर्णय लिया गया है।
ग्राम स्तर पर मुनादी और सूचना अनिवार्य
खंड शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि:
- नीलामी की सूचना ग्राम पंचायत स्तर पर मुनादी के जरिए दी जाए
- विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन के नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा हो
- अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए
यदि किसी स्तर पर सूचना न देने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विद्यालय प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पारदर्शिता पर जोर
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूरी नीलामी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण (रिकॉर्डिंग) किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
क्या है इसका महत्व?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- जर्जर भवनों से होने वाले हादसों पर रोक लगेगी
- नई शैक्षिक संरचनाओं के निर्माण का रास्ता साफ होगा
- सरकारी संपत्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा
सोनभद्र में जर्जर स्कूल भवनों की नीलामी का यह फैसला प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।







