अमित मिश्रा
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनसुनवाई समाधान पोर्टल पर जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों व कम्यूटर आपरेटरों के साथ बैठक कर जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के परिप्रेक्ष्य में स्थलीय भ्रमण न करने व शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क न करने पर बीडीओ म्योरपुर, खण्ड शिक्षा अधिकारी चोपन, नगवां, म्योरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी नगवां, घोरावल को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया तो वही जनसुनवाई समाधान पोर्टल पर असंतुष्ट फिडबैक पर बाल विकास परियोजना अधिकारी घोरावल, दुद्धी, करमा व चतरा को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी बीएन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त स्पेशल क्लोज व असंतुष्ट फीडबैक प्रकरणों के सम्बन्ध में जिला स्तरीय अधिकारियों व सम्बन्धित कम्प्यूटर आपरेटर के साथ समीक्षा बैठक किये। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्पेशल क्लोज व असंतुष्ट फीडबैक प्रकरणों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों से बारी-बारी से समीक्षा करते हुए पाया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के परिप्रेक्ष्य में कुछ अधिकारियों द्वारा स्थलीय भ्रमण नहीं किया जाता है, न ही शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क ही किया जाता है, जिससे पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं हो पाता है।
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी पाया कि विभिन्न माध्यम मुख्यमंत्री, भारत सरकार, जिलाधिकारी, शासन, राजस्व परिषद, आन लाईन, हेल्पलाइन 1076 से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया जाता है, किन्तु सम्बन्धित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अधिकांश शिकायतों के सम्बन्ध में शिकायतकर्ता से न तो सम्पर्क ही किया जाता है और न ही स्थलीय सत्यापन हेतु भ्रमण ही किया जाता है। जिसके कारण असंतुष्ट फीडबैक पोर्टल पर प्राप्त होते है, एवं शिकायती प्रार्थना पत्रों का बिना अध्ययन किये प्रकरण स्पेशल क्लोज भी कर दिया जाता है।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के परिप्रेक्ष्य में खण्ड विकास अधिकारी म्योरपुर, खण्ड शिक्षा अधिकारी चोपन, नगवां, म्योरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी नगवां, घोरावल द्वारा शिकायतों के निस्तारण में स्थलीय भ्रमण न करने व शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क नहीं किया जाता है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दियें। इसी प्रकार से जनसुनवाई समाधान पोर्टल पर शिकायकर्ताओं से सम्पर्क न करने व असंतुष्ट फिडबैक प्राप्त होने पर बाल विकास परियोजना अधिकारी घोरावल, दुद्धी, करमा व चतरा को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश सम्बन्धित को दियें।
इसी प्रकार से शिकायतों के निस्तारण में सही आख्या अपलोड न करने व स्थलीय भ्रमण न करने व शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क न करने पर जिलाधिकारी ने निर्धारित समय में शिकायतों का निस्तारण न करने तथा लापरवाही बरतने पर डीएफओ सोनभद्र व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सोनभद्र के साथ ही समस्त अधिशासी अभियन्ता को भी कड़ी चेतावनी जिलाधिकारी द्वारा दी गयी है।
उन्होंने कहा कि प्राप्त होने वाली जन शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ही अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के उपस्थिति में बैठक की गयी है, प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि जनता दर्शन, तहसील दिवस, आईजीआरएस, थाना समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण ससमय व गुणवत्ता पूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाये, जिससे कि जन मानस की समस्याओं का ससमय निस्तारण हो सकें।
उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए सम्बन्धित अधिकारी स्थल पर जाकर शिकायतकर्ता का फीडबैक प्राप्त करते हुए शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करें, निस्तारण के दौरान स्थल पर कार्यवाही सम्बन्धी जीपीएस फोटोग्राफ्स अपलोड करना सुनिश्चित करें, सम्बन्धित अधिकारी प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल को लागिन करते हुए प्राप्त होने वाली शिकायतों का फीडबैक भी प्राप्त करते रहें और प्राप्त शिकायतों का निस्तारण भी ससमय कराना सुनिश्चित करेंगें।
इस समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी (वि/रा0) वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश चन्द्र, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह,डीपीआरओ नमिता शरण, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी निजामुद्दीन अंसारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दिव्यतोष मिश्रा, आईजीआरएस शिकायत प्रकोष्ठ से रविकान्त तिवारी, रंजीत यादव,सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण व कम्प्यूटर आपरेटर उपस्थित रहें।







