बिजली विभाग की लापरवाही से जा रही जानें? सोनभद्र में मौतों पर सियासी बवाल, सपा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

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अमित मिश्रा

O- 11 हजार वोल्ट के तार से किशोर की मौत से लेकर संविदा कर्मियों की जान जाने तक, बिजली व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)।  ऊर्जा क्षेत्र की राजधानी कहे जाने वाले सोनभद्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया है कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण आम नागरिकों और संविदा कर्मचारियों की जान लगातार जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। सोनभद्र देश के प्रमुख ऊर्जा उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है, जहां कई ताप एवं जल विद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। (Odopup)

कुशवाहा ने दावा किया कि ग्राम सभा पड़रछ में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से 15 वर्षीय संदीप की दर्दनाक मौत हो गई। उनका आरोप है कि ग्रामीणों ने पहले ही समाधान दिवस में शिकायत की थी, लेकिन विभाग ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद जनाक्रोश बढ़ने पर संबंधित कर्मचारियों और एसडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

संविदा लाइनमैनों की मौत पर भी उठे सवाल

पूर्व विधायक ने कहा कि हाल के महीनों में कई संविदा बिजली कर्मियों की करंट लगने से मौत हुई है। उन्होंने कोन थाना क्षेत्र के एक संविदा लाइनमैन की मौत का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि लाइन बंद होने की सूचना के बावजूद बिजली चालू कर दी गई, जिससे हादसा हुआ। उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताया।

‘स्मार्ट मीटर, महंगी बिजली और भ्रष्टाचार से जनता परेशान’

प्रेस वार्ता में कुशवाहा ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार, बढ़ते बिजली शुल्क और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला। उनका कहना था कि गरीब, मजदूर और किसान बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं, जबकि जनता की शिकायतों पर अधिकारी गंभीरता नहीं दिखाते। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार सुरक्षा मानकों के विपरीत लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

कई मौतों का हवाला देकर मांगी जवाबदेही

सपा नेता ने बढ़ौली, शाहगंज और गंगाजल जैसे क्षेत्रों में बिजली करंट से हुई कथित मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि ये घटनाएं दर्शाती हैं कि जिले में बिजली सुरक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है। उन्होंने मांग की कि सभी जर्जर तारों और खंभों की तत्काल जांच कर मरम्मत कराई जाए तथा भविष्य में किसी भी हादसे की स्थिति में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

अविनाश कुशवाहा ने चेतावनी दी कि यदि बिजली विभाग ने जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो समाजवादी पार्टी जिलेभर में उग्र आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि जनता की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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